देहरादून । जिला पंचायत सभागार में बुधवार को आयोजित छठे वित्त आयोग की समीक्षा बैठक में जिले की विकास योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त मुख्य सचिव एन. रविशंकर ने की। इस दौरान आयोग के सदस्य पी.एस. जंगपांगी और डॉ. एम.सी. जोशी भी मौजूद रहे।
बैठक में स्थानीय निकायों, त्रिस्तरीय पंचायत संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक दलों और अधिकारियों ने शहरी विकास, मास्टर प्लान और स्व-राजस्व बढ़ाने जैसे मुद्दों पर अपने सुझाव रखे। जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की कमी, कूड़ा निस्तारण, मृत पशुओं के डिस्पोजल, सीवरेज सिस्टम, जलभराव, पार्किंग और बढ़ती फ्लोटिंग जनसंख्या जैसी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने वित्त आयोग से मिलने वाली धनराशि बढ़ाने की मांग की और ग्रामीण क्षेत्रों को अधिक हिस्सेदारी देने का प्रस्ताव रखा। साथ ही खनन राजस्व में पंचायतों को अंश देने और पर्यावरण संरक्षण के लिए ग्रीन बोनस की मांग भी की।
अध्यक्ष एन. रविशंकर ने कहा कि आयोग का मुख्य कार्य राज्य सरकार और स्थानीय निकायों के बीच वित्तीय संसाधनों के वितरण की सिफारिश करना है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से पंचवर्षीय योजनाओं के साथ अगले 20 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जो योजनाएं केंद्र, राज्य या जिला सेक्टर में स्वीकृत नहीं हैं, उन्हें वित्त आयोग से मिलने वाली धनराशि से पूरा किया जा सकता है।

रविशंकर ने शहरीकरण को सतत प्रक्रिया बताते हुए बेहतर प्लानिंग और तकनीकी दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि जनप्रतिनिधियों के सुझावों को आयोग अपनी संस्तुति के साथ राज्य सरकार के समक्ष रखेगा। बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य, ब्लॉक प्रमुख, क्षेत्र पंचायत सदस्य, नगर निकायों के अध्यक्ष, पार्षद, ग्राम प्रधान सहित मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, परियोजना निदेशक डीआरडीए विक्रम सिंह और निकायों के अधिशासी अधिकारी उपस्थित रहे।

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