उत्तरकाशी। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने पीजी कॉलेज के प्राचार्य और छात्र संघ प्रतिनिधियों के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में बैठक कर कॉलेज विकास निधि एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं से प्राप्त धनराशि के व्यय की विस्तृत समीक्षा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि आवंटित राशि का उपयोग पारदर्शिता के साथ छात्रों के हित में हो।
बैठक में आधारभूत संरचना, प्रयोगशाला उपकरण, पुस्तकालय सामग्री और खेलकूद गतिविधियों पर हुए खर्चों की समीक्षा की गई। छात्र संघ अध्यक्ष ने रखरखाव और मरम्मत मद में धनराशि के सही उपयोग न होने पर चिंता जताई और बताया कि कई कक्षाएं व भवन जर्जर स्थिति में हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्राचार्य की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाए, जिसमें महिला सदस्य और छात्र संघ द्वारा नामित प्रतिनिधि भी शामिल हों। समिति कॉलेज की आधारभूत आवश्यकताओं, शैक्षणिक सामग्री और प्रबंधन से जुड़े खर्चों की निगरानी करेगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि हर मद में व्यय का उपयोगिता प्रमाण पत्र समय पर जमा किया जाए और किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने प्राचार्य को तत्काल प्रभाव से धन व्यय में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्राचार्य एम.पी.एस. परमार, प्रशासनिक अधिकारी मोहनलाल शाह, छात्र संघ अध्यक्ष विनय मोहन चौहान, महासचिव सुमन चमोली और विवि प्रतिनिधि आयुष बिष्ट उपस्थित रहे।

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