देहरादून। मुख्यमंत्री के “ड्रग्स फ्री देवभूमि 2025” के संकल्प को साकार करने और एसएसपी देहरादून के निर्देशन में चलाए जा रहे “ड्रग्स फ्री कैम्पस अभियान” के तहत दून पुलिस ने आज एक बड़ी और सराहनीय कार्यवाही को अंजाम दिया। इस क्रम में थाना प्रेमनगर क्षेत्र के एक निजी शिक्षण संस्थान में पुलिस-प्रशासन और डॉक्टरों की एक संयुक्त टीम ने बिना किसी पूर्व सूचना के औचक निरीक्षण किया।
इस अभियान के दौरान संस्थान में मौजूद छात्र-छात्राओं में से 100 को यादृच्छिक (रैंडमली) चुना गया और उनका ड्रग्स टेस्ट किट के माध्यम से यूरिन टेस्ट किया गया। राहत और खुशी की बात यह रही कि सभी 100 छात्र-छात्राओं का टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आया। परीक्षण से पहले सभी छात्र-छात्राओं से उनकी सहमति लेते हुए कंसर्ट फॉर्म/शपथ पत्र भी भरवाए गए, जिससे प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित हुई।

दून पुलिस की इस पहल का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक परिसरों को ड्रग्स के दुष्प्रभावों से मुक्त रखना और युवाओं को नशे के खतरों के प्रति जागरूक करना है। पुलिस ने सभी छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि यदि कोई भी छात्र किसी भी प्रकार के नशे का सेवन करते पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान, संयुक्त टीम ने छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रहने और इसके दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी भी दी। दून पुलिस के इस अभियान की स्थानीय छात्रों के साथ-साथ अन्य राज्यों से आकर यहाँ पढ़ रहे छात्र-छात्राओं ने भी खुले दिल से प्रशंसा की। कई छात्र-छात्राओं ने तो इसकी सूचना अपने अभिभावकों को भी दी, जिन्होंने भी पुलिस की इस सक्रिय भूमिका और जागरूकता अभियान की सराहना की।


यह पहला मौका नहीं है जब दून पुलिस ने शिक्षण संस्थानों में इस तरह का अभियान चलाया है। इससे पहले भी पुलिस और मेडिकल टीमों द्वारा विभिन्न संस्थानों में औचक निरीक्षण कर यूरिन और ब्लड टेस्ट किए जा चुके हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का दायरा और तेज किया जाएगा और भविष्य में भी जनपद के अन्य शिक्षण संस्थानों में इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।

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