लाल कलावे से सजाएँ घर के 5 कोने: दूर होंगे वास्तु दोष, आएगी स्थायी समृद्धि

घर के इन 5 कोनों में बांधें लाल कलावा: वास्तु दोष दूर, मां लक्ष्मी करेंगी स्थायी वास!

हिंदू परंपरा में लाल कलावा (मौली धागा) सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है। वास्तु और ज्योतिष शास्त्र में इसे बेहद शक्तिशाली माना जाता है। अगर घर में बार-बार कलह, धन की कमी या नकारात्मक ऊर्जा रहती है, तो बस 5 खास जगहों पर लाल कलावा बांधने से वास्तु दोष दूर हो जाते हैं और मां लक्ष्मी का आगमन शुरू हो जाता है।

मुख्य द्वार का हैंडल

घर का मुख्य दरवाजा धन और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश द्वार है। लाल कलावा को 7 या 11 बार लपेटकर मुख्य दरवाजे के हैंडल पर बांधें। इससे नकारात्मक शक्तियां घर में प्रवेश नहीं कर पातीं और लक्ष्मी जी की कृपा बनी रहती है। हर अमावस्या या पूर्णिमा को इसे बदलते रहें।

तिजोरी या लॉकर का ताला

जहां आप धन, जेवर या महत्वपूर्ण कागजात रखते हैं, वहां लाल मौली बांधने से धन हानि रुकती है। 11 बार लपेटकर तिजोरी के हैंडल या ताले पर बांधें और ऊपर से “ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः” मंत्र 11 बार जपें। व्यापारी इसे दुकान की तिजोरी पर भी बांधते हैं, बिक्री अपने आप बढ़ जाती है।

पूजा घर की घंटी

पूजा घर में जो घंटी बजाते हैं, उसके डंडे पर लाल कलावा बांधें। इससे पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है और घर में सकारात्मक कंपन हमेशा रहता है।

रसोई का गैस सिलेंडर या स्टोव का हैंडल

रसोई अन्नपूर्णा का स्थान है। गैस सिलेंडर की नॉब या स्टोव के हैंडल पर कलावा बांधने से घर में कभी अन्न-धन की कमी नहीं होती। खासकर गुरुवार को बांधें तो बहुत शुभ।

बेडरूम का पलंग (सिरहाने की तरफ)

अगर नींद नहीं आती, डर लगता है या पति-पत्नी में क्लेश रहता है, तो पलंग के चारों पायों में से सिरहाने वाले दो पायों पर लाल मौली बांधें। इससे वास्तु दोष, पितृ दोष और नजर दोष तीनों दूर होते हैं।

खास टिप: कलावा हमेशा दाहिने हाथ से बांधें, 7 या 11 बार लपेटें और बांधते समय “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” या “ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” मंत्र बोलें। पुराना कलावा बहते पानी में प्रवाहित कर दें, कभी कूड़े में न फेंकें।

इतना छोटा-सा उपाय, इतना बड़ा फर्क! आज ही आजमाएं और खुद देखें मां लक्ष्मी का चमत्कार।

डिसक्लेमर :-
इस लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सटीकता या विश्वसनीयता की गांरंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, पंचांग, मान्यताओं या फिर धर्मग्रंथों से संकलित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इसके किसी भी तरह के उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

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