खेलों से व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास, सांसद खेल महोत्सव से मिल रहा छुपी प्रतिभाओं को मंच:सांसद डा. नरेश बंसल

देहरादून। युवाओं में खेल भावना को बढ़ावा देने और ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से युवा शक्त्ति का उत्सव सांसद खेल महोत्सव के अंतर्गत सासंद डा. नरेश बंसल के सौजन्य से विकासखण्ड स्तरीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन देहरादून जिले मे किया जा रहा है। दो दिवसीय इस खेल आयोजन में बड़ी संख्या में खिलाड़ी और खेलप्रेमी शामिल हुए।

विकासखंड सहसपुर के मिनी स्टेडियम शंकरपुर में आयोजित विकासखंड स्तरीय सांसद खेल महोत्सव 2025 के दूसरे दिन में जनपद के विभिन्न विकास खंड से आए प्रतिभागियों के द्वारा प्रतिभाग किया गया जिसमें विकासखंड सहसपुर, विकासखंड विकास नगर,विकासखंड कालसी,विकासखंड रायपुर आदि से लगभग 400 प्रतिभागियों के द्वारा प्रतिभाग किया गया।

कार्यक्रम के तहत आयोजित खेलों में जिसमें कबड्डी,खो-खो, वॉलीबॉल,एथलेटिक्स,पिट्टू आदि प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने पूरे जोश और प्रतिस्पर्धा के साथ विभिन्न खेलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर डा. नरेश बंसल ने अपने संदेश मे कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा से आयोजित सांसद खेल महोत्सव जैसी पहल ग्रामीण अंचलों में छिपी खेल प्रतिभाओं को आगे लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है और उन्हें राष्ट्रीय मंच देने के लिए एक सशक्त माध्यम है।खेलों से अनुशासन, टीम भावना और आत्मविष्वास का विकास होता है,जो युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है,साथ ही गाँव-गाँव के उभरते खिलाड़ियों को उचित मंच प्रदान करना है।

डा. नरेश बंसल ने कहा कि अब वह दौर बीत चुका है जब खेलों को समय की बर्बादी समझा जाता था। आज खेल न केवल करियर का एक मजबूत माध्यम बन चुके हैं बल्कि सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचने का जरिया भी हैं। खेलो-कूदोगे तो न केवल तंदुरुस्त रहोगे, बल्कि अपने उज्जवल भविष्य की राह भी खुद तय कर सकोगे।

डा. नरेश बंसल ने बताया कि विकासखण्ड स्तरीय प्रतियोगिता में विजेता खिलाड़ियों को आगामी जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिलेगा।उन्होंने कहा कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रदेश व केंद्र सरकार द्वारा सम्मान और शासकीय सेवाओं में अवसर प्रदान किया जा रहा है, जिससे युवाओं में खेलों के प्रति नया उत्साह उत्पन्न हुआ है।
डा. नरेश बंसल ने कहा कि 2030 में भारत में कॉमनवेल्थ और 2036 में ओलंपिक होने की संभावना है जिसमें कबड्डी जैसे पारंपरिक खेलों को भी शामिल किए जाने की संभावना है जिससे ग्रामीण अंचल के खिलाड़ियों के लिए अपार संभावनाएं पैदा होंगी।

आयोजन समिति ने बताया कि खेल महोत्सव के माध्यम से प्रत्येक ब्लॉक में स्थानीय स्तर के खेलों को बढ़ावा देने और युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है।

ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments