देहरादून। उत्तराखंड में बेरोज़गार नर्सिंग अधिकारियों का आंदोलन सातवें दिन और अधिक उग्र हो गया। सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री के आवास का घेराव करने पहुँची भीड़ को रोकने के दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इससे प्रदर्शन स्थल पर तनाव बढ़ गया।
महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला भी दिनभर आंदोलन स्थल पर रहीं और नर्सिंग समुदाय की समस्याओं को मुखरता से उठाया। वहीं उत्तराखंड क्रांति दल के नेता—राकेश ध्यानी, राजेन्द्र बिष्ट, प्रवीण रमोला और भूरा चमोली—ने भी मांगों के समर्थन में मोर्चा संभाला और सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की।

नर्सिंग अभ्यर्थियों ने वर्तमान भर्ती विज्ञप्ति रद्द करने, भर्ती पोर्टल बंद करने, वर्षवार भर्ती प्रणाली बहाल करने तथा IPHS मानकों के अनुरूप 2500+ नई भर्तियाँ एक साथ जारी करने की माँग दोहराई। साथ ही, उत्तराखंड मूल निवासियों को प्राथमिकता और आयु-सीमा पार कर चुके अभ्यर्थियों को विशेष आयु-छूट देने की मांग की गई।
आंदोलन में नर्सिंग स्टाफ की बड़ी भागीदारी के कारण निजी अस्पतालों में OPD व वार्ड सेवाएँ गंभीर रूप से प्रभावित रहीं। कई संस्थानों में स्टाफ की कमी से उपचार में देरी हुई, जिससे मरीजों और परिजनों ने चिंता जताई।

अभ्यर्थियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा। समाधान में देरी हुई तो आने वाले दिनों में विरोध और अधिक उग्र होने की चेतावनी दी गई है।

Recent Comments