बंगाली कोठी में तीन दिवसीय घंटाकर्ण देव कथा का आयोजन संपन्न,सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लिया प्रसाद

देहरादून। शहर के बंगाली कोठी स्थित महालक्ष्मी वेडिंग प्वाइंट में तीन दिवसीय भगवान घंटाकर्ण (घंडियाल देवता) की भव्य कथा, यज्ञ और भंडारे का आयोजन संपन्न हुआ। सजवाण हितकारिणी सभा की ओर से आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। 

कार्यक्रम के अंतिम दिन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। उन्होंने कहा कि पुरानी टिहरी रियासत के अधिकांश क्षेत्रों में भगवान घंटाकर्ण को लोग अपने इष्ट देव के रूप में पूजते हैं। लौतसू बढ़ियारगढ़ के इस देवता की विशेष मान्यता है कि वे अपने भक्तों की रक्षा के साथ-साथ उन्हें सुख-समृद्धि का आशीर्वाद भी प्रदान करते हैं। धस्माना ने आयोजन समिति के संयोजक त्रिलोक सिंह सजवाण और उनकी टीम को सफल आयोजन के लिए बधाई दी तथा सभी श्रद्धालुओं को भगवान घंटाकर्ण देवता के आशीर्वाद की कामना की। 

कथा व्यास आचार्य लोकेन्द्र बिजलवान ने कथा समापन अवसर पर घंटाकर्ण देवता के दिव्य स्वरूप की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि घंडियाल देवता हर घर में विराजमान हैं, जिनके स्मरण भर से कष्ट दूर हो जाते हैं और घर में सुख-शांति का वास होता है। समापन अवसर पर आयोजित यज्ञ में पूर्णाहुतिके बाद कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ। 

इस अवसर पर पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, डोईवाला विधायक ब्रज भूषण गैरोला, पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत, महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला, आशा मनोरमा शर्मा, महेश जोशी और वैभव वालिया सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। 

कार्यक्रम में पहाड़ से पहुंचे सरोला समुदाय द्वारा पारंपरिक भडु की दाल और भात का भंडारा आयोजित किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। 

अंत में त्रिलोक सिंह सजवाण, कुलबीर सजवाण, हरेंद्र सजवाण, चित्रपाल सजवाण और बीरेंद्र सजवाण ने सभी श्रद्धालुओं और अतिथियों का आभार व्यक्त किया। 

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