देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल के नेतृत्व में देहरादून नगर निगम के कांग्रेस पार्षदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को शहरी विकास सचिव से मुलाकात कर निगम प्रशासन द्वारा विपक्षी पार्षदों के साथ कथित भेदभावपूर्ण रवैये के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। प्रतिनिधिमंडल ने एक ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि नगर निगम द्वारा कांग्रेस पार्षदों के वार्डों में विकास कार्यों को जानबूझकर अटकाया जा रहा है, जबकि सत्ताधारी दल से जुड़े पार्षदों व विधायकों के क्षेत्रों में करोड़ों रुपये के काम बिना रोकटोक स्वीकृत किए जा रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मीडिया से बातचीत में कहा, “यह स्थिति लोकतांत्रिक मूल्यों के सर्वथा विपरीत है। नगर निगम में चुने हुए सभी पार्षदों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। लेकिन यहां तो विधायकों द्वारा निगम को प्रस्ताव देकर अपने क्षेत्रों में करोड़ों के काम करवाए जा रहे हैं, जो नियम विरुद्ध है। विधायक को सरकार से अपने क्षेत्र के विकास के लिए निधि मिलती ही है। यह पार्षदों के अधिकार क्षेत्र में सीधा अतिक्रमण है।”
श्री गोदियाल ने आगे कहा कि विधायक पूरे क्षेत्र के प्रतिनिधि होते हैं, न कि किसी एक दल के। फिर भी केवल भाजपा से जुड़े जनप्रतिनिधियों को प्राथमिकता देना चिंताजनक है। उन्होंने शहरी विकास सचिव से तत्काल हस्तक्षेप कर निगम में सभी पार्षदों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करने और विकास कार्यों की स्वीकृति में राजनीतिक भेदभाव खत्म करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “यदि कांग्रेस पार्षदों के साथ हो रहे इस अन्याय को शीघ्र नहीं रोका गया, तो पार्टी को जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।”
शहरी विकास सचिव ने प्रतिनिधिमंडल की बातें गंभीरता से सुनने के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
इस अवसर पर पार्षद संगीता गुप्ता, सुषांत बोहरा, कोमल बोहरा, अर्जुन सोनकर, रमेश कुमार, इत्यादि खान, आशीष कुमार, मोनिका, अभिषेक तिवाड़ी, आयुष गुप्ता, बिरेंद्र सिंह बिष्ट सहित महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी, प्रदेश प्रवक्ता अभिनव थापर, राजेश चमोली, ओमप्रकाश सती, रितेश क्षेत्री, पीयूष जोशी, पीसीसी सदस्य सुरेंद्र रांगड़ व अनुराग गुप्ता आदि मौजूद रहे।

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