“हमारी आवाज़ सुनी गई!” – उपनल कर्मचारियों का सुबोध उनियाल को आभार

कैबिनेट ने 10 वर्षीय सेवा पर समान वेतन को दी हरी झंडी

देहरादून। राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक और दीर्घकालीन मांग को स्वीकृति देते हुए उपनल कर्मचारियों को समान वेतन का बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि जो उपनल कर्मचारी 10 वर्ष या उससे अधिक समय से निरंतर सेवाएं दे रहे हैं, उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान वेतनमान दिया जाएगा।

इस फैसले से प्रदेश भर के हजारों उपनल कर्मचारियों के चेहरों पर खुशी और राहत देखने को मिली, जो लंबे समय से वेतन विषमता की मार झेल रहे थे। कर्मचारियों ने इस न्यायसंगत निर्णय के लिए विशेष रूप से श्रम मंत्री सुबोध उनियाल का हृदय से आभार व्यक्त किया है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि मंत्री उनियाल ने उनकी मांग को लगातार कैबिनेट के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा, जिसका सीधा परिणाम यह अनुकूल फैसला है।

माना जा रहा है कि इस निर्णय से न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि सरकारी कार्यों की गुणवत्ता और दक्षता में भी सुधार होगा। वेतन समानता से कर्मचारियों में संस्था के प्रति निष्ठा बढ़ेगी और कार्य करने की स्थिरता मिलेगी। हालांकि, इससे राज्य के वेतन बजट पर अतिरिक्त भार पड़ेगा, लेकिन शासन ने इसे कर्मचारी कल्याण के लिए जरूरी कदम माना है।

श्रम मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि यह फैसला सरकार की कर्मचारी-हितैषी नीतियों को दर्शाता है और श्रमिकों के हक में ठोस कदम है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस नियम के क्रियान्वयन पर जल्द ही अमल शुरू कर दिया जाएगा।

यह निर्णय राज्य के श्रमिक वर्ग के लिए एक मिसाल कायम करते हुए, उन सभी कर्मचारियों के लिए आशा की किरण है, जो लंबे समय से समान काम के लिए समान वेतन की मांग कर रहे थे।

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