उत्तराखंड के पारंपरिक आहार की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र
ऋषिकेश। एम्स ऋषिकेश के आयुष विभाग के तत्वावधान में नवां नेशनल सिद्ध दिवस मनाया गया। इस दो दिवसीय वृहद कार्यक्रम का थीम “सिद्ध फॉर ग्लोबल हेल्थ” रखा गया, जो ऋषि अगस्तियार के जन्म नक्षत्र के उपलक्ष्य पर आधारित था। कार्यक्रम के प्रथम दिवस आयुष विभाग में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिद्धा, चेन्नई के सहयोग से निशुल्क सिद्धा मेडिकल कैंप और सिद्धा आहार प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जो आकर्षण का केंद्र बना।
इस अवसर पर सिद्धा पद्धति के तहत 171 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार किया गया। विभिन्न गतिविधियों में सिद्ध दवा की क्लिनिकल अहमियत, रोकथाम और इंटीग्रेटिव हेल्थकेयर में पारंपरिक फूड सिस्टम की भूमिका पर जोर दिया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान की कार्यकारी निदेशक एवं सी.ई.ओ. प्रोफेसर (डॉ.) मीनू सिंह, डीन (एकेडमिक्स) प्रोफेसर डॉ. सौरभ वार्ष्णेय, ऑफिशिएटिंग मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. भारत भूषण भारद्वाज और आयुष डिपार्टमेंट की हेड डॉ. मोनिका पठानिया की उपस्थिति में किया गया।
विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिनमें वरिष्ठ चिकित्साधिकारी आयुष डॉ. श्रीलॉय मोहंती, डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. रवि कुमार, डॉ. राहुल काटकर (चिकित्साधिकारी, आयुर्वेद), डॉ. श्वेता मिश्रा (चिकित्साधिकारी, योग और नेचुरोपैथी) और कार्यक्रम की संयोजक डॉ. पी. मिरुनालेनी (चिकित्साधिकारी, सिद्धा) शामिल थे। नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ सिद्धा, चेन्नई से असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. गायत्री आर. और पोस्टग्रेजुएट स्कॉलर डॉ. वासुकी आर. ने भी इसमें योगदान दिया।

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