देहरादून। वसंत पंचमी के रंग, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती और गणतंत्र दिवस की गौरवगाथा को एक सूत्र में पिरोते हुए शहर में एक विशेष साहित्यिक आयोजन ने देशभक्ति की भावना को साहित्य और संगीत के माध्यम से अभिव्यक्त किया। हृदयांगन तथा जीवन्ती देवभूमि साहित्यिक एवं सामाजिक संस्थाओं के संयुक्त प्रयास से हरिशरण कैनाल रोड पर आयोजित ‘एक शाम वीरों के नाम’ काव्य संध्या में देशप्रेम और सांस्कृतिक विरासत के स्वर गूंजे।
सरस्वती वंदना के साथ शुरू हुए इस आयोजन का संचालन कविता बिष्ट ‘नेह’ ने किया, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड संस्कृति साहित्यिक कला परिषद की उपाध्यक्ष मधु भट्ट ने हिंदी भाषा के महत्व, पहाड़ी संस्कृति की विशिष्टता और नारी सशक्तिकरण पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार विद्युत प्रभा चतुर्वेदी ‘मंजू’ ने की।
इस सांस्कृतिक सभा में अनिल अग्रवाल, डॉ इंदु अग्रवाल, अम्बर खरबंदा, शिव मोहन सिंह, अंबिका रूही सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की। कवियों और श्रोताओं ने देशभक्ति, शौर्य और बलिदान की भावनाओं में खोकर एक अद्भुत अनुभूति प्राप्त की।

मंच से श्रीकांत श्री ने राम भक्ति की रचना से भक्तिमय वातावरण बनाया तो कविता बिष्ट ‘नेह’ ने ‘देश प्रेम की ज्वाला जागी’ जैसी पंक्तियों से उत्साह भर दिया। मणि अग्रवाल ‘मणिका’ की शिव स्तुति और डॉ क्षमा कौशिक के घनाक्षरी छंद ने श्रोताओं का मन मोह लिया, जबकि विद्युत प्रभा चतुर्वेदी ‘मंजू’ के पंचचामर छंद ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान शहीद अमरनाथ चतुर्वेदी, हृदयांगन के पूर्व संयोजक नीरजकांत सोती तथा अर्चना झा ‘सरित’ के पिता को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनकी स्मृति को नमन किया गया।
इस साहित्यिक संध्या में देशभक्ति के विविध आयामों को काव्य और संगीत के माध्यम से प्रस्तुत किया गया, जिससे उपस्थित साहित्यप्रेमी और दर्शक गहराई तक प्रभावित हुए। कार्यक्रम ने सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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