उत्तरकाशी। आगामी चारधाम यात्रा के सुगम और सुरक्षित संचालन के लिए जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने जिले के आपदा कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यात्रा मार्ग पर संभावित संवेदनशील क्षेत्रों की मॉनिटरिंग और सूचना तंत्र की सक्रियता का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए रिस्पांस टाइम को न्यूनतम रखने के सभी जरूरी इंतजाम सुनिश्चित किए जायें और वायरलेस सेट सहित संचार के सभी उपकरणों को 24×7 क्रियाशील रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा मौसम की सटीक जानकारी और मार्ग अवरुद्ध होने जैसी सूचनाओं को तत्काल साझा किया जाए ताकि यात्रियों को समय रहते सूचित किया जा सके। कंट्रोल रूम में तैनात कर्मियों को मुस्तैद रहने की हिदायत देते हुए उन्होंने डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने आपदा प्रबंधन से जुड़े उपकरणों के रखरखाव का भी अवलोकन किया, ताकि यात्रा शुरू होने से पूर्व सभी तकनीकी कमियों को दूर किया जा सके।

जिलाधिकारी ने देर सायं बंदरकोट और रतूड़ीसेरा भू–स्खलन क्षेत्र का मौके पर पहुंचकर किया निरीक्षण
देर सायं जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर बीआरओ द्वारा किए जा भू–स्खलन सुरक्षा कार्य बंदरकोट और रतूड़ीसेरा का स्थलीय निरीक्षण कर कार्य की प्रगति को परखा। निरीक्षण के दौरान बीआरओ के कमांडर राजकिशोर भी साथ रहे। जिलाधिकारी ने राजमार्ग के सुचारू संचालन को लेकर को निर्देश दिए कि मार्ग पर यात्रियों को आवागमन में किसी तरह की परेशानी ना हो और उन्होंने कहा भू–स्खलन कार्य आगामी चारधाम यात्रा से पहले तय समय में पूरा कर लिया जाए। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने स्पष्ट किया है कि मार्ग पर संवेदनशील स्थानों का चयन कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी द्वारा स्वयं भी संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण लगातार किया जा रहा है।
इस दौरान बीआरओ कमांडर राजकिशोर और डीडीएमओ शार्दूल गुसाईं साथ रहे।

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