देहरादून, 28 जनवरी 2026: राज्य मंत्री सुनील सैनी ने कहा कि धामी सरकार ने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर उत्तराखंड के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ा है, जो भारतीय लोकतंत्र में दर्ज हो गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना, जिसने UCC को धरातल पर उतारा।
यह केवल कानून नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, लैंगिक समानता और संविधान के अनुच्छेद 44 के क्रियान्वयन की सशक्त पहल है। UCC का अर्थ है—धर्म, जाति या समुदाय से परे सभी नागरिकों के लिए समान कानून। विवाह, तलाक, गोद लेना और उत्तराधिकार जैसे व्यक्तिगत मामलों में भेदभाव समाप्त कर समान अधिकार सुनिश्चित किए गए।
UCC के प्रमुख प्रावधान:
- सभी धर्मों-जातियों के लिए विवाह, तलाक, गोद लेना और उत्तराधिकार पर एकसमान कानून।
- बहुविवाह और एकतरफा तलाक पर पूर्ण रोक।
- बेटी-बेटे को समान संपत्ति अधिकार—लैंगिक समानता को विधिक रूप।
- विवाह पंजीकरण अनिवार्य—वैधानिक दस्तावेज सुनिश्चित।
सैनी ने कहा कि यह पहल महिलाओं व अल्पसंख्यकों के अधिकारों को मजबूत करती है। उत्तराखंड का कदम पूरे देश के लिए उदाहरण है कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति से दशकों पुराने संवैधानिक संकल्प साकार हो सकते हैं।
UCC के एक वर्ष पूर्ण होने पर राज्यवासियों को हार्दिक बधाई। लोकप्रिय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को धन्यवाद।

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