चार राज्यों के अध्ययन भ्रमण पर जाएंगे रेशम बुनकर: डॉ धन सिंह रावत

विभागीय मंत्री डॉ रावत ने किया दून सिल्क आउटलेट के शुभारंभ

देहरादून । उत्तराखंड को-ऑपरेटिव रेशम फेडरेशन द्वारा प्रदेश के रेशम बुनकरों को चार राज्यों में अध्ययन भ्रमण पर भेजा जाएगा, ताकि वे आधुनिक तकनीक, नवीन डिज़ाइन और उन्नत रेशम उत्पादन प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर सकें। यह घोषणा माननीय सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने देहरादून स्थित राजपुर रोड पर दून सिल्क के चौथे रिटेल आउटलेट के शुभारंभ अवसर पर की।

डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि अध्ययन भ्रमण से रेशम बुनकरों की कार्यक्षमता और दक्षता में वृद्धि होगी तथा वे देश के अन्य राज्यों में अपनाई जा रही श्रेष्ठ तकनीकों को उत्तराखंड में लागू कर सकेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह भ्रमण कार्यक्रम पूरी तरह सुनियोजित और उद्देश्यपूर्ण हो, जिससे बुनकरों को इसका अधिकतम लाभ मिल सके।

कार्यक्रम के दौरान सहकारिता मंत्री ने रेशम बुनकरों से सीधा संवाद भी किया। उन्होंने बुनकरों से प्रश्न किया कि क्या रेशम फेडरेशन उनके साथ पारदर्शिता और ईमानदारी से कार्य कर रही है। इस पर उपस्थित बुनकरों ने एक स्वर में फेडरेशन की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन, भुगतान व्यवस्था और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में पूर्ण पारदर्शिता बरती जा रही है, जिसका सीधा लाभ उन्हें मिल रहा है।

डॉ. रावत ने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में प्रदेश सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और किसानों–बुनकरों के हित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य कर रही है, जिससे जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान बुनाई कार्यशाला का आयोजन किया गया तथा सिल्क समग्र परियोजना के अंतर्गत लाभार्थियों को चेक एवं प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर 25 कीटपालकों को चेक वितरित किए गए, जबकि बुनाई क्षेत्र से जुड़े लाभार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

फेडरेशन के प्रबंध निदेशक आनंद शुक्ल ने बताया कि रेशम फेडरेशन का लक्ष्य प्रदेश की 10,000 महिलाओं को लखपति दीदी के रूप में सशक्त बनाना है। उन्होंने जानकारी दी कि आज दून सिल्क के चौथे आउटलेट का शुभारंभ किया गया है तथा शीघ्र ही प्रदेश के अन्य शहरों में छह और आउटलेट खोले जाएंगे। साथ ही उन्होंने बताया कि आगामी वर्ष में फेडरेशन द्वारा ₹10 करोड़ के कारोबार का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इस अवसर पर निदेशक रेशम  प्रदीप कुमार, पूर्व अध्यक्ष चौधरी अजीत सिंह, महाप्रबंधक मातबर कंडारी सहित बड़ी संख्या में महिला बुनकर एवं रेशम फेडरेशन से जुड़े कीटपालक लाभार्थी उपस्थित रहे।

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