अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा ने पंचायती मंदिर में दिया सांकेतिक धरना

ब्राह्मण समाज के सम्मान को लेकर देहरादून में गरजे स्वर

सरकार से चार सूत्रीय मांगों पर की सख्त कार्रवाई की अपील

देहरादून । अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा उत्तराखंड द्वारा मंगलवार को राजधानी देहरादून के पंचायती मंदिर, दर्शन लाल चौक में एक प्रभावशाली सांकेतिक धरने का आयोजन किया गया। धरने में बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग एकत्रित हुए और समाज के सम्मान, धार्मिक आस्थाओं तथा संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की।

धरने के माध्यम से महासभा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ब्राह्मण समाज के खिलाफ किसी भी प्रकार का अपमान, टिप्पणी या दुर्व्यवहार अब सहन नहीं किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद स्वामी जी के अपमान के मामलों पर कड़ा रोष जताते हुए दोषियों के विरुद्ध तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की।

धरने में प्रमुख रूप से चार मांगें उठाई गईं। इनमें शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद स्वामी जी के अपमान करने वालों पर कठोर कार्रवाई, ब्राह्मणों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां और दुर्व्यवहार करने वालों पर सख्त कानूनी कदम, सवर्ण वर्ग के छात्रों के खिलाफ यूजीसी एक्ट के प्रावधानों को वापस लेना तथा अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर भगवान श्री परशुराम जी के जन्मोत्सव पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करना शामिल है।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन शर्मा ने सरकार को चेताते हुए कहा कि यदि ब्राह्मण समाज की लगातार अनदेखी की गई और समाज के लोगों का अपमान होता रहा, तो महासभा चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने कहा, “ब्राह्मण समाज का सम्मान हमारी अस्मिता से जुड़ा है। अगर कोई भी व्यक्ति या संस्था ब्राह्मणों का अपमान करेगी, तो उसके खिलाफ जन आंदोलन किया जाएगा और आवश्यकता पड़ी तो सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराया जाएगा।”

धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि ब्राह्मण समाज हमेशा राष्ट्र निर्माण, शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक समरसता का आधार रहा है, लेकिन आज योजनाबद्ध तरीके से समाज की छवि को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

सांकेतिक धरने में संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें प्रदेश अध्यक्ष पंडित मोहन शर्मा, प्रदेश महामंत्री उमाशंकर शर्मा, प्रदेश संगठन मंत्री मनोज कुमार शर्मा, प्रदेश युवा अध्यक्ष सतेंद्र कुमार दीक्षित, प्रदेश कोषाध्यक्ष गिरीश चंद्र उप्रेती, महासचिव डॉ. वी. डी. शर्मा, देहरादून जिलाध्यक्ष संजय खंडूरी, युवा प्रदेश महामंत्री ललित बद्री, प्रदेश महिला उपाध्यक्ष सावित्री शर्मा, संरक्षक लालचंद शर्मा सहित सोमदत्त शर्मा, सुलेख चंद शर्मा, देवेंद्र सिंह राणा, उमेश जिंदल, सुधीर अग्रवाल, योगेश उनियाल, सुनील मांगा, गुरनैन, आचार्य जयप्रकाश गोदियाल और सैकड़ों की संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग शामिल रहे।

धरना स्थल पर पूरे समय अनुशासन और शांति बनी रही, लेकिन नारों और वक्तव्यों के माध्यम से समाज की पीड़ा और आक्रोश साफ झलकता रहा। महासभा ने सरकार से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील करते हुए कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

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