लेट लद्दाख से लौटे विजेता खिलाड़ी, राज्य का नाम किया रोशन
देहरादून। उत्तराखंड के युवा आइस स्केटिंग सितारों ने बर्फीले पहाड़ों की ठंडी चुनौतियों को मात देकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक बिठाई। युवा कल्याण एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में 20 से 26 जनवरी तक लेह (लद्दाख) के एनडीएस स्टेडियम स्केटिंग रिंग में आयोजित 6वीं खेलो इंडिया विंटर गेम्स में राज्य से गए छह मेधावी खिलाड़ियों ने अपने-अपने वर्गों में कमाल का प्रदर्शन किया। आइस स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के इन सितारों ने टीम मैनेजर नागेंद्र सिंह नेगी की कुशल अगुवाई में देशभर से जुटे लगभग 500 से अधिक खिलाड़ियों के बीच अपनी कला का लोहा मनवाया और जनमानस से शाबाशी बटोरी।
इस वर्ष का आयोजन विशेष इसलिए भी था क्योंकि पहली बार फिगर स्केटिंग स्पर्धाओं को शामिल किया गया। उत्तराखंड के लिए सबसे बड़ी खुशी का क्षण बालक नोविस फिगर स्केटिंग वर्ग में आया, जहां आदर्श सिंह रावत ने शानदार प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक जीत लिया। देश के कोने-कोने से आए चुनौतीपूर्ण फिगर स्केटर्स को पछाड़ते हुए उन्होंने राज्य की झोली में सोना डाला और दर्शकों की बुलंद तालियों से सम्मानित हुए। यह उपलब्धि न केवल खिलाड़ी की मेहनत का प्रमाण है, बल्कि उत्तराखंड की आइस स्केटिंग क्षमता को राष्ट्रीय पटल पर चमकाने वाली मिसाल बनी।
राज्य की एकमात्र स्पीड स्केटिंग महिला खिलाड़ी कुमारी मिमांशा नेगी ने भी कमाल कर दिखाया। अल्प प्रशिक्षण के बावजूद उन्होंने 500 और 1000 मीटर शॉर्ट ट्रैक रेस में सेमीफाइनल तक का सफर तय किया। कपकपी ठंड और कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच उनके सधे हुए दौड़ने ने सभी को हैरान कर दिया। मिमांशा का यह प्रदर्शन महिला सशक्तिकरण की मिसाल है और भविष्य में और ऊंचाइयों की आशा जगाता है।
फिगर स्केटिंग में राज्य की एकमात्र महिला खिलाड़ी तनिष्का सिंह ने एडवांस गर्ल्स सेक्शन में चौथा स्थान हासिल कर राज्य का नाम रोशन किया। सबसे छोटे सदस्य धैर्य ने 500 और 1000 मीटर दौड़ में क्वार्टरफाइनल तक जगह बनाई, जबकि आयुष रमेश कंसवाल ने सेमीफाइनल में पहुंचकर अपनी क्षमता सिद्ध की। प्रतिष्ठित फिगर स्केटर आयुष जगूड़ी ने एडवांस बॉयज वर्ग में छठा स्थान प्राप्त किया। जगूड़ी ने कहा कि यदि देहरादून के ‘हिमाद्री’ आइस स्केटिंग रिंक पर लगातार ट्रेनिंग मिले, तो वे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत सकते हैं।
प्रेस वार्ता में टीम मैनेजर नागेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि लेह में पारंपरिक लद्दाकी स्वागत और धूमधाम से टीम का सम्मान किया गया। उन्होंने खेलो इंडिया विंटर गेम्स को खिलाड़ियों के लिए आदर्श मंच बताया, जहां सुंदर सुविधाएं और उत्कृष्टता का संगम देखने को मिला। एसोसिएशन अध्यक्ष शिव पैन्यूली ने विजयी खिलाड़ियों की प्रशंसा की और अफसोस जताया कि 14 वर्षों से बंद ‘हिमाद्री’ रिंक यदि उपलब्ध होता, तो प्रदर्शन और बेहतर होता।
पैन्यूली ने उम्मीद जताई कि विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा द्वारा लेह में खिलाड़ियों को शाबाशी देने वाली परंपरा जारी रहे। उन्होंने आइस स्केटिंग एसोसिएशन द्वारा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, खेल मंत्री रेखा आर्य, अमित सिन्हा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को भेजे मांगपत्र का उल्लेख किया। निदेशक खेल एवं युवा कल्याण विभाग को स्पोर्ट्स किट उपलब्ध कराने के लिए धन्यवाद देते हुए सभी स्केटर्स, सदस्यों और नेताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने राज्य सरकार से आर्थिक रूप से कमजोर स्केटर्स को ‘हिमाद्री’ रिंक रियायती दरों पर उपलब्ध कराने की अपील की, ताकि उत्तराखंड आइस स्केटिंग का हब बने।
वार्ता में एसोसिएशन सदस्य यशवंत सिंह, शुभाष जगूड़ी, सुखबीर सिंह रावत, अल्का सिंह और खिलाड़ियों के अभिभावक मौजूद रहे।उत्तराखंड के खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन न केवल राज्य के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह संकेत भी देता है कि यदि सही संसाधन और निरंतर समर्थन मिले, तो देवभूमि उत्तराखंड शीतकालीन खेलों में देश का एक मजबूत केंद्र बन सकता है। यह सफलता उत्तराखंड के खेल जगत में नई ऊर्जा का संचार कर रही है, जो राज्य को विंटर स्पोर्ट्स में अग्रणी बनाने का संकेत देती है।

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