सोलर प्लांट्स में श्रमिकों का खुला शोषण: जन संघर्ष मोर्चा ने प्रशासन को जगाया

12-12 घंटे की ड्यूटी और बिना सुविधाओं के गार्ड्स-मालियों की पुकार

देहरादून,विकासनगर। हरित ऊर्जा के नाम पर स्थापित सोलर प्लांट्स में कार्यरत सिक्योरिटी गार्ड्स और मालियों का शोषण थमने का नाम नहीं ले रहा। जन संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे पर जोरदार हुंकार भरी है। मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने तहसील विकासनगर पहुंचकर उपजिलाधिकारी के अभाव में तहसीलदार विवेक राजौरी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सोलर प्लांट्स के संचालकों पर श्रम कानूनों का उल्लंघन करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। तहसीलदार ने फोन पर उपजिलाधिकारी को मामले से अवगत कराया, जिन्होंने तत्काल कार्रवाई का भरोसा दिलाया ।

नेगी ने स्पष्ट किया कि विकासनगर क्षेत्र के सोलर प्लांट्स में तैनात सिक्योरिटी गार्ड्स और मालियों को किस कंपनी या संस्था के माध्यम से काम पर रखा गया है, इसका कोई अता-पता नहीं। न तो इन श्रमिकों को पता है और न ही संबंधित श्रम अधिकारियों को। इनसे 12-12 घंटे की लंबी ड्यूटी ली जाती है, बिना किसी साप्ताहिक अवकाश के। सुरक्षा के न्यूनतम उपायों का भी अभाव है, जैसे गार्ड रूम की व्यवस्था न होना, जिससे ये श्रमिक बारिश-धूप में खुले आसमान तले ड्यूटी करने को मजबूर हैं। वेतन निर्धारित न्यूनतम मानकों से कम दिया जाता है, जबकि पीएफ (प्रॉविडेंट फंड) और ईएसआई (एम्प्लॉयी स्टेट इंश्योरेंस) जैसी बुनियादी सुविधाओं का तो सवाल ही नहीं उठता । नेगी ने सवाल उठाया कि यदि कोई दुर्घटना घटित हो जाती है, तो इन श्रमिकों के इलाज और उनके परिवार की देखभाल का जिम्मा कौन लेगा? उन्होंने सोलर प्लांट मालिकों और संचालकों को चेतावनी दी कि यदि श्रम कानूनों और सरकारी दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया गया, तो मोर्चा सड़क पर उतरने को बाध्य होगा।

यह मुद्दा उत्तराखंड के विकासनगर जैसे क्षेत्रों में सोलर ऊर्जा परियोजनाओं की वृद्धि के साथ और गंभीर हो गया है, जहां हरित ऊर्जा के वादों के बावजूद श्रमिकों के अधिकारों की अनदेखी हो रही है। नेगी ने प्रशासन से मांग की है कि दोषी संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और श्रमिकों को उनका हक दिलाया जाए। कार्यक्रम में मोर्चा के प्रमुख सदस्यों ने एकजुटता दिखाई, जिनमें विजयराम शर्मा, मोहम्मद आरिफ, के.सी. चंदेल, हाजी असद, प्रवीण शर्मा पिन्नी, अध्यक्ष अमित जैन, प्रोवीर दास, कुंवर सिंह चौहान, आर.पी. भट्ट, जयकृत नेगी, मोहम्मद अली खान, मेहंदी हसन, चौ. अमन सिंह, सुशील भारद्वाज, प्रमोद शर्मा, रहबर अली, भीम सिंह बिष्ट, नरेंद्र तोमर, सुरजीत सिंह, नरेश ठाकुर, समून, मुकेश पसपोला, श्रवण गर्ग, दिनेश गुप्ता आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे। यह आंदोलन सोलर क्षेत्र में श्रम सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

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