कोटद्वार (पौड़ी गढ़वाल): उत्तराखंड पुलिस द्वारा गुमशुदाओं की तलाश के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन स्माइल’ के तहत पौड़ी पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने कोटद्वार क्षेत्र से एक मानसिक रूप से अस्वस्थ युवती को रेस्क्यू कर सुरक्षित उसके परिवार के सुपुर्द किया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) पौड़ी के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान के दौरान, 30 जनवरी 2026 को पुलिस टीम को कोटद्वार क्षेत्र में एक युवती लावारिस और बदहवास हालत में मिली। युवती मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत हो रही थी और अपना पता बताने में असमर्थ थी।
महिला कांस्टेबल विद्या मेहता ने युवती को रेस्क्यू किया और उसे AHTU कार्यालय लाया गया। पुलिस टीम ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पहले उसे भोजन कराया और फिर विश्वास में लेकर पूछताछ की। काफी प्रयासों और काउंसलिंग के बाद युवती ने अपना नाम बीना और निवासी मानपुर बताया।
महिला उपनिरीक्षक सुमन लता के नेतृत्व में टीम ने तत्काल मानपुर क्षेत्र में संपर्क साधा। जांच में पता चला कि युवती के माता-पिता का देहांत हो चुका है और वह अपने भाई के साथ रहती थी। उसका भाई मजदूरी के लिए बाहर गया हुआ था, जिसकी अनुपस्थिति में वह घर से निकल गई और रास्ता भटक गई।

पुलिस ने आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद युवती को उसके भाई के सुपुर्द कर दिया। अपने खोए हुए परिजन को पाकर परिवार ने उत्तराखंड पुलिस का आभार व्यक्त किया। इस रेस्क्यू टीम में मुख्य रूप से महिला उपनिरीक्षक सुमन लता, महिला कांस्टेबल विद्या मेहता और कांस्टेबल सत्येंद्र लखेड़ा शामिल रहे।
‘ऑपरेशन स्माइल’ के माध्यम से पौड़ी पुलिस न केवल अपराध नियंत्रण, बल्कि सामाजिक सरोकारों और मानवीय सेवा में भी मिसाल पेश कर रही है।

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