रघुनाथ सिंह नेगी ने की पड़ताल, कहा- ‘किसानों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं’; पहले वार्ता, फिर आंदोलन की चेतावनी दी
विकासनगर। ग्राम ढकरानी के किसानों पर स्टोन क्रेशर के स्वामी द्वारा जानलेवा धमकियों और उत्पीड़न का गंभीर मामला सामने आया है। किसानों ने शिकायत की है कि लगभग 30-35 किसानों की 100 बीघा भूमि तक जाने वाले एकमात्र रास्ते को क्रेशर मालिक ने अवैध रूप से बंद कर दिया है। विरोध करने पर किसानों को जान से मारने और ज़मीन में गाड़ देने की धमकियां दी जा रही हैं।
इसकी शिकायत लेकर जब किसान जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएम के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी के पास पहुंचे, तो नेगी तुरंत गांव पहुंचे और किसानों से सीधी बात की। उन्होंने किसानों के भूमि संबंधी दस्तावेजों की जांच की और पूरे मामले की गंभीरता को समझा।
नेगी ने इस घटना पर गहरी चिंता जताते हुए स्पष्ट कहा, “किसी भी सूरत में किसानों का यह उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह मामला केवल रास्ते का नहीं, बल्कि किसानों के जीवन और सम्मान से जुड़ा हुआ है।”
उन्होंने आगे बताया कि इस मामले का समाधान निकालने के लिए दो तरह से कार्रवाई की जाएगी। पहला, स्टोन क्रेशर स्वामी से बातचीत कर शांतिपूर्ण हल निकालने का प्रयास किया जाएगा। दूसरा, प्रशासनिक अधिकारियों से भी इस संबंध में तत्काल वार्ता की जाएगी। हालांकि, उन्होंने साफ चेतावनी भी दी, “अगर इन प्रयासों से कोई हल नहीं निकलता, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी और परिणाम स्टोन क्रेशर स्वामी को भुगतने होंगे।”

नेगी ने मौके पर मौजूद सभी किसानों को यह भरोसा दिलाया कि मोर्चा उनके साथ खड़ा है और किसी भी हालत में उनका शोषण नहीं होने दिया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण बैठक में ग्राम ढकरानी के प्रवीण शर्मा पिन्नी, चौधरी रकम सिंह, इलम सिंह, हुकम सिंह, सलीम खान, हाजी नसीम, सुदेश चौधरी, शमशाद, वीर सिंह सहित दर्जनों किसान और स्थानीय निवासी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में स्टोन क्रेशर स्वामी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
अब निगरानी इस बात पर टिकी है कि प्रशासन और स्टोन क्रेशर स्वामी इस गंभीर मामले में कितनी गंभीरता दिखाते हैं। वरना, जन संघर्ष मोर्चा ने आंदोलन का रास्ता साफ कर दिया है।

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