नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने जा रही फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ के विरोध में महासभा का ज्ञापन, बैन की उठी मांग

देहरादून ।नेटफ्लिक्स पर प्रस्तावित फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ के खिलाफ ब्राह्मण महासभा ने कड़ा विरोध दर्ज करते हुए जिलाधिकारी देहरादून को ज्ञापन सौंपा। महासभा ने फिल्म पर तत्काल रोक लगाने, सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई करने तथा फिल्म से जुड़े कलाकार एवं निर्माताओं पर कानूनी कार्यवाही की मांग की है।

शुक्रवार को महासभा के प्रदेश अध्यक्ष पंडित मनमोहन शर्मा के नेतृत्व में पदाधिकारी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और औपचारिक रूप से प्रार्थना पत्र सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में संगठन के सदस्य उपस्थित रहे।

प्रदेश अध्यक्ष पंडित मनमोहन शर्मा ने प्रेस को जानकारी देते हुए कहा कि “घूसखोर पंडित” शीर्षक से बनी फिल्म समाज के एक सम्मानित वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार के शीर्षक और कथानक से ब्राह्मण समाज को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि फिल्म के प्रसारण पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष और फिल्म से जुड़े निर्माता-कलाकारों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि यदि इस प्रकार की फिल्में बिना किसी रोक-टोक के प्रसारित होती रहीं तो समाज में आक्रोश फैल सकता है और शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से समय रहते हस्तक्षेप करने की अपील की।

प्रदेश महामंत्री पंडित उमाशंकर शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि ब्राह्मण समाज की भावनाओं को आहत करने वाली फिल्में बनती रहीं तो महासभा आंदोलन के लिए बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि संगठन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराएगा, किंतु समाज के सम्मान से समझौता नहीं किया जाएगा।

महासभा के संरक्षक लालचंद शर्मा ने कहा कि ब्राह्मण समाज के सम्मान की रक्षा के लिए संगठन हर वैधानिक और लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ने को तैयार है। वहीं जिलाध्यक्ष संजय खंडूरी ने कहा कि यदि समाज का अपमान इस प्रकार किया गया तो सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से पंडित मनमोहन शर्मा (प्रदेश अध्यक्ष), पंडित उमाशंकर शर्मा (प्रदेश महामंत्री), लालचंद शर्मा (संरक्षक), प्रदेश उपाध्यक्ष महेश कोठारी, प्रदेश कोषाध्यक्ष गिरीश चंद्र उप्रेती, जिलाध्यक्ष संजय खंडूरी, विधि संयोजक सीताराम नौटियाल, विधि सलाहकार एन. डी. बहुगुणा, सुदर्शन शर्मा, रामचंद्र रतूड़ी, आर. पी. गैरोला, अभिषेक नौटियाल, दिनेश सेमवाल, भोले शंकर बहुगुणा तथा मनोज कुमार सुंदरियाल उपस्थित रहे।

महासभा ने प्रशासन से मांग की है कि फिल्म की सामग्री की गहन समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी प्रकार का सामाजिक तनाव उत्पन्न न हो और प्रदेश में शांति एवं सौहार्द बना रहे।

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