देहरादून। मसूरी में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 707A (त्यूनी–चकराता–मसूरी–बाटाघाट) पर कि.मी. 162 के पास होटल देवलोक के नजदीक प्रतिधारक (रिटेनिंग) दीवार के ध्वस्त होने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद के नेतृत्व में नगर पालिका, पुलिस, एमडीडीए, राष्ट्रीय राजमार्ग (पीडब्ल्यूडी) और खनन विभाग की संयुक्त टीम ने मौके का निरीक्षण कर अवैध खुदाई/खनन और मानकों के उल्लंघन की पुष्टि की।
निरीक्षण में बताया गया कि संबंधित संपत्ति नगर पालिका अभिलेखों में 349.50 वर्गमीटर क्षेत्रफल में अनीता थलवाल, सुनिता धनई और सतीश गोयल के नाम दर्ज है। एमडीडीए द्वारा आवासीय मानचित्र के आधार पर निर्माण स्वीकृति दी गई थी, जिसमें कई विभागों की एनओसी और जियोटेक्निकल जांच के बाद अनुमति का उल्लेख है। लेकिन टीम के अनुसार, संबंधित लोगों ने जेसीबी/एक्सकेवेटर से राजमार्ग की ओर अवैध खनन/खुदाई की, जिससे पहले से जमा मलबा खिसककर भूस्खलन के रूप में आया और प्रतिधारक दीवार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इससे सड़क पर यातायात जोखिमपूर्ण हो गया।
जन-सुरक्षा के मद्देनज़र प्रशासन ने मार्ग को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है। यातायात को मोतीलाल नेहरू मार्ग, हाथीपांव मार्ग और नगर पालिका मार्ग से डायवर्ट किया गया है। पुलिस को मार्ग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कराने और वैकल्पिक मार्गों पर व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिशासी अभियंता को प्रतिधारक दीवार का पुनर्निर्माण तुरंत शुरू कराने और संपूर्ण खर्च की वसूली आरसी के जरिए संबंधितों से करने के आदेश दिए हैं। इस प्रकरण में संबंधितों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है, जिसमें एक पार्षद की पत्नी का नाम भी शामिल बताया गया है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि चार्जशीट भी जल्द दाखिल होगी।
खनन विभाग की रिपोर्ट में अवैध खनन 1522.50 घनमीटर/4384.80 टन आंका गया। रॉयल्टी की तीन गुना दर से ₹11,64,164 का अर्थदंड तय किया गया है। साथ ही प्रशासन ने 80 लाख की अतिरिक्त आरसी भी काटी है। एमडीडीए को स्वीकृत मानचित्र निरस्त कर ध्वस्तीकरण कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने साफ कहा है—राष्ट्रीय राजमार्ग और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी।

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