रोजगार की तलाश में घर से निकला युवक बस यात्रा के दौरान नाबालिग से छेड़छाड़ का आरोपी बना।

पौड़ी पुलिस की सक्रियता से आरोपी की त्वरित गिरफ्तारी, हरिद्वार से हिमान्शू नेगी को पकड़ा गया

कोटद्वार । पौड़ी जनपद में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां रोजगार की तलाश में घर से निकला एक युवक बस यात्रा के दौरान नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ करने के आरोप में गिरफ्तार हो गया। घटना हरिद्वार से कोटद्वार की ओर जा रही बस में हुई, जहां आरोपी ने पुलिस टोपी पहनकर अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की थी। पौड़ी पुलिस की त्वरित कार्यवाही से आरोपी को हरिद्वार बस अड्डे से गिरफ्तार किया गया, जिससे महिला एवं बच्चों के खिलाफ अपराधों में जीरो टॉलरेंस की नीति का उदाहरण मिला।

घटना की जानकारी के अनुसार, 14 फरवरी को एक युवती ने कोतवाली कोटद्वार में शिकायत दर्ज कराई कि वह हरिद्वार से कोटद्वार की ओर बस में यात्रा कर रही थी। यात्रा के दौरान उसके समीप बैठे एक युवक ने उससे छेड़खानी की। विरोध करने पर आरोपी कलालघाटी क्षेत्र में बस से कूदकर फरार हो गया। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी पुलिस टोपी पहने था, जिससे प्रथम दृष्टया उसे पुलिसकर्मी समझा गया। इस आधार पर कोतवाली कोटद्वार में मुकदमा संख्या 34/2026 दर्ज किया गया, जिसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 और पॉक्सो अधिनियम की धारा 7/8 के तहत आरोप लगाए गए।

पौड़ी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार ने महिला एवं बच्चों संबंधी अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है और ऐसे मामलों में त्वरित कार्यवाही के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के अनुपालन में प्रभारी निरीक्षक कोटद्वार के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई, जिसमें उपनिरीक्षक राजाराम डोभाल, महिला उपनिरीक्षक प्रीति गुसांई और आरक्षी सुनील चौधरी शामिल थे। टीम ने त्वरित जांच के बाद आरोपी हिमान्शू नेगी को हरिद्वार बस अड्डे से गिरफ्तार किया।

आरोपी हिमान्शू नेगी, 23 वर्ष का, पुत्र श्री संजय सिंह नेगी, निवासी ग्राम बैरागना, थाना गोपेश्वर, जनपद चमोली, पूर्व में चमोली के एक होटल में कार्यरत था और रोजगार की तलाश में कोटद्वार आ रहा था। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह पुलिस विभाग में नहीं है, बल्कि बस टोपी पहने था। गिरफ्तारी के समय उसके पास से पुलिस टोपी बरामद हुई, जिसकी जांच जारी है। पुलिस ने सभी वैधानिक औपचारिकताएं पूरी करते हुए आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया।

यह मामला पौड़ी पुलिस की सक्रियता का प्रमाण है, जो ऐसे अपराधों को रोकने के लिए निरंतर प्रयासरत है। पुलिस अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे ऐसे मामलों में तुरंत शिकायत दर्ज कराएं, ताकि अपराधियों को सजा मिल सके। मामले की आगे की जांच जारी है।

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