नई दिल्ली/देहरादून। दिल्ली से देहरादून की यात्रा को तेज़ और सुविधाजनक बनाने वाली महत्वाकांक्षी परियोजना दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर नया बदलाव सामने आया है। पहले फरवरी 2026 में इसके शुभारंभ की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन निर्माण कार्य के कुछ हिस्से अधूरे रहने के कारण अब उद्घाटन मार्च में आयोजित किए जाने की तैयारी है।
यह एक्सप्रेसवे राष्ट्रीय राजधानी और उत्तराखंड की राजधानी के बीच तेज़ संपर्क स्थापित करने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है। परियोजना पूरी तरह चालू होने के बाद दिल्ली से देहरादून का सफर महज ढाई से तीन घंटे में पूरा किया जा सकेगा। 210 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर कारों के लिए अधिकतम गति सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटा और भारी वाहनों के लिए 80 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है।
उत्तराखंड क्षेत्र में इस परियोजना की विशेषताएँ भी उल्लेखनीय हैं। मोहंड के पास लगभग 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड सेक्शन बनाया गया है, जबकि डाटकाली क्षेत्र में 340 मीटर लंबी सुरंग तैयार की गई है। इन संरचनाओं को वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। इसके अलावा पूरे एक्सप्रेसवे पर 16 प्रवेश और निकास बिंदु, 113 अंडरपास तथा 5 रेलवे ओवरब्रिज निर्मित किए गए हैं।
दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर सहारनपुर मार्ग से देहरादून तक जाने वाले इस कॉरिडोर का सहारनपुर क्षेत्र में कार्य लगभग पूरा हो चुका है। एक्सप्रेसवे चालू होने के बाद सहारनपुर से देहरादून की दूरी मात्र 45 मिनट में तय की जा सकेगी। इससे यात्रियों को राहत मिलने के साथ-साथ क्षेत्रीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
इस परियोजना की आधारशिला 4 दिसंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी। प्रारंभिक लक्ष्य इसे 2024 के अंत तक पूरा करने का था, लेकिन निर्माण की गति में आई देरी के चलते अब इसके फरवरी 2026 तक पूर्ण रूप से संचालित होने की उम्मीद जताई जा रही है।
कुल मिलाकर, दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर उत्तर भारत के यातायात ढांचे में बड़ा बदलाव साबित होने जा रहा है। उद्घाटन में थोड़ा और इंतजार भले करना पड़े, लेकिन इसके शुरू होने के बाद यात्रा पहले से कहीं अधिक तेज़, सुरक्षित और सुविधाजनक होगी।

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