देहरादून । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देशों पर थाना नेहरू कॉलोनी व बसंत विहार पुलिस ने नौ फरवरी से लापता 28 वर्षीय दिगंबर धीमान की हत्या का सनसनीखेज खुलासा कर तीनों मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। पैसों के लेन-देन के पुराने विवाद में रेसकोर्स स्थित कमरे में नशे की महफिल के दौरान लोहे की रॉड व हथौड़े से पीट-पीटकर की गई हत्या के बाद शव को चिडियापुर जंगल में दफनाया गया था।
दिगंबर धीमान शास्त्री नगर बसंत विहार का निवासी था। नौ फरवरी को कोर्ट तारीख के बाद घर लौटने का कहकर निकला, लेकिन गायब हो गया। उसके पिता संतराम धीमान ने थाना बसंत विहार में गुमशुदगी दर्ज कराई। जांच में पता चला कि दिगंबर नशे के आदी था और उसके साथी भी गायब हो चुके थे। टैक्सी चालक राजनंदन (पूर्व में गिरफ्तार) की निशानदेही पर चिडियापुर जंगल से सड़ा शव बरामद हुआ, जिसके बाद मुकदमा हत्या (103/1, 238/1, 61/2 बीएनएस) में तब्दील कर थाना नेहरू कॉलोनी स्थानांतरित किया गया।
पकड़े गए अभियुक्त हेमंत सेमवाल (37), आदिल (38) व वैभव उर्फ संजू (25) सभी रेसकोर्स नई बस्ती सी ब्लॉक के निवासी हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ कि दिगंबर ने उनसे ढाई लाख लिए थे, जो लौटा नहीं रहा था। हेमंत ने उसे रेसकोर्स कमरे पर बुलाया, नशा किया व पैसे मांगने पर लोहे की रॉड, हथौड़े व पेंचकस से टॉर्चर किया। खून बहने से मौत हो गई तो शव को कम्बल में लपेटकर टैक्सी चालक राजनंदन को 15 हजार देकर चिडियापुर जंगल ले गए। हथियार व जूते नेपाली फार्म पुल के नीचे नदी में फेंक दिए। पुलिस ने रॉड, हथौड़ा व जूते बरामद कर लिए।
अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास लंबा है। हेमंत व आदिल पर कोतवाली नगर में 59/22 (147,148,323,326,452,307,34 भादवि) व पटेलनगर में 623/25 (8/21/29 एनडीपीएस) दर्ज हैं। वैभव पर भी एनडीपीएस मामला है। तीनों अभियुक्तों को 21 फरवरी को आईएसबीटी के पास हरिद्वार बाईपास से गिरफ्तार किया गया । थाना बसंत विहार, नेहरू कॉलोनी व एसओजी की संयुक्त टीम ने मुखबिर व सर्विलांस से कार्रवाई की। एसएसपी ने बधाई दी व फरारों पर शिकंजा कसने के निर्देश दिए।

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