महीनों से रची जा रही थी साजिश, एसटीएफ–दून पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो गिरफ्तार, छह पर इनाम
देहरादून । राजधानी के प्रतिष्ठित और अपेक्षाकृत शांत माने जाने वाले डालनवाला क्षेत्र में स्थित सिल्वर सिटी मॉल में 13 फरवरी को दिनदहाड़े हुई सनसनीखेज हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। उत्तराखंड पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स उत्तराखंड की संयुक्त टीम ने गहन तकनीकी जांच, सीसीटीवी विश्लेषण और अंतरराज्यीय छापेमारी के बाद इस हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि छह अन्य अभी फरार हैं। फरार आरोपियों पर एसएसपी देहरादून द्वारा 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
13 फरवरी की दोपहर कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना मिली कि सिल्वर सिटी मॉल में अज्ञात हमलावरों ने एक व्यक्ति पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी है। सूचना मिलते ही कोतवाली डालनवाला पुलिस मौके पर पहुंची। घायल अवस्था में मिले व्यक्ति को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान अमन विहार, रायपुर निवासी विक्रम शर्मा पुत्र अमृतपाल शर्मा के रूप में हुई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए, जबकि आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज तत्काल कब्जे में लेकर जांच शुरू की गई।
जांच में सामने आया कि विक्रम शर्मा झारखंड का कुख्यात अपराधी रहा है और हत्या, हत्या के प्रयास तथा रंगदारी जैसे कई संगीन मामलों में वांछित रहा था। वह कई मामलों में जमानत पर बाहर चल रहा था। लगभग आठ वर्ष पूर्व झारखंड में दर्ज एक हत्या के प्रकरण में उसे देहरादून से गिरफ्तार भी किया गया था।
उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए पुलिस ने प्रारंभ से ही अंतरराज्यीय गिरोह की संलिप्तता की आशंका जताई और उसी दिशा में जांच को आगे बढ़ाया।
सीसीटीवी फुटेज के गहन विश्लेषण से स्पष्ट हुआ कि तीन हमलावर मोटरसाइकिल पर सवार होकर मॉल पहुंचे थे। वारदात को अंजाम देने के बाद वे सहस्त्रधारा रोड की ओर भागे, जहां पहले से खड़ी दूसरी बाइक और स्कूटी से हरिद्वार की ओर निकल गए।
घटना में प्रयुक्त अपाचे मोटरसाइकिल को पुलिस ने सहस्त्रधारा क्षेत्र से बरामद किया। वाहन झारखंड के पूर्वी सिंहभूम निवासी के नाम पर पंजीकृत पाया गया। जांच आगे बढ़ी तो यह भी सामने आया कि हरिद्वार से किराये पर ली गई बाइक और स्कूटी का भुगतान झारखंड से जुड़े व्यक्तियों की आईडी और यूपीआई के माध्यम से किया गया था।

हरिद्वार से आरोपी एक काले रंग की स्कार्पियो वाहन से नोएडा की ओर फरार हुए। वाहन की जानकारी जुटाने पर उसका पंजीकरण जमशेदपुर स्थित एक फर्म के नाम पर मिला। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए जमशेदपुर में दबिश देकर राजकुमार नामक आरोपी को गिरफ्तार किया।
आगे की जांच में ग्रेटर नोएडा के अल्फा-2 अपार्टमेंट से मोहित उर्फ अक्षत ठाकुर को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि वह नोएडा की एक निजी विश्वविद्यालय में बीबीए प्रथम वर्ष का छात्र है और घटना के बाद आरोपियों को पनाह देने व वाहन छिपाने में उसकी भूमिका रही।
पूछताछ में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ कि हत्या की साजिश कई माह पूर्व रची गई थी। मुख्य साजिशकर्ता आशुतोष सिंह और उसके साथियों ने पहले जमशेदपुर और फिर नोएडा में विक्रम शर्मा को ठिकाने लगाने की योजना बनाई, परंतु सुरक्षा कारणों से सफल नहीं हो सके।
इसके बाद देहरादून को चुना गया। साजिश के तहत एक आरोपी ने लगभग तीन माह पूर्व उसी जिम को ज्वाइन किया, जहां विक्रम शर्मा नियमित रूप से व्यायाम करने जाता था। घटना के दिन भी उसी आरोपी ने फोन के माध्यम से अन्य साथियों को विक्रम की मौजूदगी की सूचना दी। जैसे ही वह जिम से बाहर निकला, घात लगाकर बैठे हमलावरों ने उस पर गोलियां बरसा दीं।
जांच में यह भी सामने आया कि रेलवे फूड सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट को लेकर विवाद और रंगदारी की मांग इस हत्याकांड के पीछे एक बड़ा कारण था। आरोपियों ने अपराध जगत में अपना प्रभाव स्थापित करने और पुराने विवादों का बदला लेने के उद्देश्य से इस वारदात को अंजाम दिया।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और फरार छह आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और अंतरराज्यीय समन्वय के आधार पर जल्द ही पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
राजधानी के व्यस्त मॉल में दिनदहाड़े हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़े किए हैं, किंतु पुलिस का कहना है कि पेशेवर और योजनाबद्ध तरीके से की गई इस हत्या का पर्दाफाश कर कानून का शिकंजा कस दिया गया है।

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