पारंपरिक ‘दोका’ वेश में दिखे दिग्गज, गीत-संगीत पर थिरके नेता
देहरादून।अस्थाई राजधानी के प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में होली मिलन समारोह इस बार सिर्फ रंगों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संगठनात्मक एकजुटता और सांस्कृतिक संदेश का भी मंच बन गया। ढोलक की थाप, मंजीरों की झंकार और कुमाऊंनी-गढ़वाली होल्यार गीतों के बीच पूरा परिसर उत्सव स्थल में तब्दील नजर आया। गुलाल की उड़ती अबीर के बीच नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को रंग लगाकर भाईचारे का संदेश दिया।
कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की मौजूदगी ने कार्यकर्ताओं में खास उत्साह भरा। पारंपरिक होली गीतों की धुन पर स्वयं गोदियाल भी कार्यकर्ताओं के साथ झूमते दिखाई दिए। माहौल ऐसा था कि राजनीतिक औपचारिकताएं पीछे छूट गईं और रंग, संगीत तथा अपनत्व का भाव प्रमुख हो गया।
समारोह में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, CWC सदस्य व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण महारा, वरिष्ठ नेता डॉ. हरक सिंह रावत तथा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह,डॉ प्रतिमा सिंह, डॉ जसवीन्दर सिंह गोगी, लाल चंद शर्मा सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। करण महारा और डॉ. हरक सिंह रावत ने होली के गीतों पर शानदार नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में नई ऊर्जा भर दी। वहीं प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने पारंपरिक होली गीत गाकर ऐसा समां बांधा कि पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।


समारोह का सबसे आकर्षक पहलू यह रहा कि प्रदेश कांग्रेस के शीर्ष नेता उत्तराखंड के पर्वतीय और विशेषकर जनजातीय समुदायों की पारंपरिक ‘दोका पोशाक’ में नजर आए। एक जैसी पारंपरिक वेशभूषा में मंच पर उपस्थित नेताओं ने न केवल सांस्कृतिक विरासत को सम्मान दिया, बल्कि एकजुटता का स्पष्ट संदेश भी दिया। यह दृश्य कार्यकर्ताओं के लिए उत्साहवर्धक और प्रतीकात्मक दोनों रहा।
अपने संबोधन में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने और समाज में सकारात्मकता फैलाने का अवसर है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे जनता के बीच जाकर उनके सुख-दुख में सहभागी बनें और प्रदेश की खुशहाली के लिए समर्पित भाव से काम करें।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भी एकता को संगठन की असली ताकत बताते हुए कहा कि जैसे अलग-अलग रंग मिलकर सुंदर छटा बिखेरते हैं, वैसे ही सामूहिक प्रयास से संगठन सशक्त बनता है। अन्य नेताओं ने भी सामाजिक समरसता और आपसी सौहार्द का संदेश दिया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने किया, जिन्होंने पूरे आयोजन को सधे और उत्साहपूर्ण अंदाज में आगे बढ़ाया।
राजनीतिक जानकार इस आयोजन को आगामी 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों से भी जोड़कर देख रहे हैं। उत्तराखंड में अगले वर्ष होने वाले चुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दल सक्रिय हैं। ऐसे में कांग्रेस का यह आयोजन केवल सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि शीर्ष नेतृत्व को एक मंच पर लाकर संगठनात्मक मजबूती का प्रदर्शन भी माना जा रहा है।


समारोह के अंत में सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएं दीं। रंग, लोकसंगीत और एकता के संदेश से सजा यह आयोजन कांग्रेस के भीतर ऊर्जा, सांस्कृतिक जुड़ाव और आगामी रणनीति की झलक देता नजर आया।


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