केसरवाला गाँव मामले में मोर्चा ने साधा विधायक काउ पर निशाना, आरोप- ‘न खुद करते हैं काम, न करने देते हैं’

विकासनगर। केसरवाला गांव में दशकों पुरानी सेना की कब्जे वाली जमीन को मुक्त कराने और ग्रामीणों को न्याय दिलाने के मुद्दे पर जन संघर्ष मोर्चा और स्थानीय विधायक के बीच ठन गई है। मोर्चा ने रायपुर के विधायक उमेश शर्मा ‘काउ’ पर आरोप लगाया है कि वह प्रशासनिक स्तर पर इस मामले को सुलझाने में जानबूझकर रोड़े अटका रहे हैं। मोर्चा का कहना है कि विधायक को अपनी ‘फजीहत’ का डर सता रहा है, इसलिए वह जिला प्रशासन की खुशामद करके इस प्रकरण को लटकाने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।

जन संघर्ष मोर्चा के जिला मीडिया प्रभारी प्रवीण शर्मा पिन्नी ने आरोप लगाया कि मोर्चा अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी शासन स्तर से लेकर जिला प्रशासन तक इस मामले को लेकर लगातार प्रयासरत हैं। उनके प्रयासों का ही नतीजा है कि प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री सुधांशु ने 7 अगस्त 2025 को सचिव राजस्व को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद 25 अगस्त को राजस्व विभाग ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर मामले का निस्तारण करने को कहा। नेगी के आग्रह और शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी ने 9 अक्टूबर को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एडीएम समेत अन्य अधिकारियों को संयुक्त बैठक बुलाकर प्रकरण सुलझाने के आदेश जारी किए।

पिन्नी ने कहा कि इसके बाद तीन-चार बार बैठक के लिए पत्र जारी हुए, लेकिन हर बार अधिकारी किसी न किसी बहाने से बैठक से गायब हो गए। मोर्चा का आरोप है कि यह सब विधायक उमेश काउ को बचाने की रणनीति का हिस्सा है। पिन्नी ने कहा, “विधायक काउ जिला प्रशासन के चरणों में नतमस्तक होकर यह गुहार लगा रहे हैं कि अगर यह काम मोर्चा की वजह से हो गया, तो वह क्षेत्र में मुंह नहीं दिखा पाएंगे। यही वजह है कि न तो वह खुद कुछ कर पा रहे हैं और न ही प्रशासन को काम करने दे रहे हैं।”

मोर्चा ने विधायक को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर क्षेत्रवासियों के इस अधर में लटके मामले में रोड़ा अटकाने की कोशिश जारी रही, तो वह न केवल उनके ‘काले कारनामों’ को जनता के सामने उजागर करेगा, बल्कि आगामी चुनावों में उनका प्रधान बनने तक का रास्ता बंद कर देगा। मोर्चा ने साफ किया है कि जनहित के मामलों में राजनीतिक हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और केसरवाला के लोगों को जल्द से जल्द उनका हक दिलाकर रहेगा।

मोर्चा द्वारा मुद्दे हेतु किए गए पत्र व्यवहार को यहां देखें

ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments