सड़कें खोदकर छोड़ीं तो खैर नहीं: प्रभारी मंत्री सुबोध उनियाल के सख्त निर्देश— मानकों के उल्लंघन पर दर्ज होगी FIR

देहरादून। राजधानी देहरादून में बेतरतीब रोड कटिंग और निर्माण कार्यों के कारण जनता को हो रही परेशानी पर प्रभारी मंत्री सुबोध उनियाल ने कड़ा रुख अपनाया है। ‘मंथन’ सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि रोड कटिंग की शर्तों और मानकों का उल्लंघन करने वाली कार्यदायी संस्थाओं पर न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि विधिक कार्रवाई के तहत मुकदमा (FIR) भी दर्ज किया जाएगा।

प्रभारी मंत्री ने लोनिवि, यूपीसीएल, जल संस्थान, स्मार्ट सिटी और गेल (GAIL) जैसी सभी संस्थाओं को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय (Integrated Plan) के साथ काम करें। उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि अप्रैल 2026 तक संचालित सभी निर्माण कार्यों को अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिया जाए। जिला प्रशासन को आदेश दिए गए हैं कि अब भविष्य में अनुमति देने से पहले एजेंसियों से कार्य पूर्ण करने की समयसीमा और शर्तों के पालन का शपथ पत्र लिया जाए।

मंत्री ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि साइट पर सुपरविजन के लिए जूनियर इंजीनियर (JE) की उपस्थिति अनिवार्य होगी। उन्होंने कहा कि सड़क खोदने के बाद उसे मानकों के अनुसार ‘कम्प्रेस’ न करने के कारण सड़कें जल्दी खराब हो रही हैं। ऐसी एजेंसियों के विरुद्ध भारी अर्थदंड रोपित कर आरसी (RC) के माध्यम से वसूली की जाएगी।

बैठक में गेल (GAIL) के प्रतिनिधियों ने बताया कि शहर में 65 हजार किमी के नेटवर्क पर काम चल रहा है, जिसमें शुरुआती चरण में 38 हजार घरों को जोड़ने का लक्ष्य है और 2500 घर जोड़े जा चुके हैं। इसी तरह विद्युत लाइनों को अंडरग्राउंड करने और सीवर लाइन बिछाने के कार्यों की भी समीक्षा की गई। प्रभारी मंत्री ने दो टूक कहा कि विभागों में समन्वय की कमी के कारण बार-बार सड़कें खोदनी पड़ती हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सभी पुरानी अनुमतियां निरस्त
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बैठक में बताया कि सुरक्षा मानकों (बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर, संकेतक) का पालन न करने के कारण जिला प्रशासन ने वर्तमान में शहर में निर्माण कार्यों हेतु जारी सभी पुरानी अनुमतियां निरस्त कर दी हैं। अब मंत्री के निर्देशों के क्रम में नई अनुमतियां कड़ी शर्तों और भारी पेनल्टी के प्रावधान के साथ ही दी जाएंगी।

समीक्षा बैठक में विधायक खजानदास (राजपुर), उमेश शर्मा काऊ (रायपुर), सविता कपूर (कैंट) सहित अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी और विभिन्न विभागों के अधीक्षण अभियंता व प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मंत्री सुबोध उनियाल ने स्पष्ट किया कि जनता की सुविधा और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बार-बार सड़कें खोदकर लोगों को परेशान करने वाली एजेंसियों के खिलाफ अब कड़ा रुख अपनाया जाएगा और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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