देहरादून, 13 मार्च 2026: रंगों के त्यौहार होली को इस बार अखिल भारत वर्षीय ब्राह्मण महासभा, उत्तराखंड ने पर्यावरण और परंपरा के रंग में रंगकर मनाया। आज महासभा कार्यालय में आयोजित एक भव्य होली मिलन समारोह में सभी पदाधिकारियों ने एक-दूसरे को चंदन का तिलक लगाया, फूलों की वर्षा की और गले मिलकर प्रेम, सौहार्द एवं भाईचारे का संदेश दिया। कार्यक्रम की शुरुआत पूज्य कथावाचक सुभाष जोशी, प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन शर्मा और महासचिव उमाशंकर शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर की।
इस अवसर पर पदाधिकारियों ने एक-दूसरे को गुलाल और चंदन लगाया, लेकिन खास बात यह रही कि किसी भी प्रकार के केमिकल युक्त रंगों का इस्तेमाल नहीं किया गया। सभी ने फूलों से होली खेली और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने आपसी मनमुटाव को भुलाकर एक-दूसरे को गले लगाया और होली की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अखिल भारत वर्षीय ब्राह्मण महासभा उत्तराखंड के अध्यक्ष मनमोहन शर्मा ने कहा, “होली का पर्व हमें एकता और सद्भावना का संदेश देता है। यह त्यौहार 12 अलग-अलग रंगों की तरह है, जो समाज में अलग-अल्च विचारधारा के लोगों को एक साथ मिलकर रहने की प्रेरणा देता है। हम सबने आज एक-दूसरे के साथ मिलकर आपसी प्रेम और सौहार्द को बढ़ाने का काम किया है। हमारा प्रयास है कि केमिकल युक्त रंगों का प्रयोग कम से कम किया जाए और पारंपरिक तरीके से इस पर्व को मनाया जाए।”
वहीं कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित प्रसिद्ध कथावाचक सुभाष जोशी ने अपने संबोधन में होली के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “होली का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह हमें सिखाता है कि हमें अपने भीतर की बुराइयों को समाप्त करना चाहिए और समाज में प्रेम और सद्भावना का संचार करना चाहिए।” उन्होंने अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन शर्मा और सभी पदाधिकारियों को अनंत कोटि शुभकामनाएं और बधाइयां भी दीं।

कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी दौर चलता रहा। वरिष्ठ साहित्यकार गिरीश चंद्र उत्पत्ति और अरुण बाला शर्मा ने होली पर आधारित सुमधुर कविताएं सुनाईं और गीत गाए, जिसने सभी का मन मोह लिया। उनकी प्रस्तुतियों पर उपस्थित लोगों ने जमकर तालियां बजाईं और माहौल पूरी तरह से उल्लासमय हो गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन शर्मा ने की, जबकि मंच संचालन महासचिव उमाशंकर शर्मा ने बखूबी किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से पंडित मनमोहन शर्मा, ओजस्वी कथावाचक सुभाष जोशी जी, महंत दिगंबर पुरी, उमाशंकर शर्मा, पीयूष गोड, प्रतिमा शर्मा, अरुण बाला शर्मा, रोशन राणा, गौरव जैन, आयुष जैन, महावीर बहुगुणा, पैन्यूली और संजय गर्ग सहित बड़ी संख्या में महासभा के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इस होली मिलन ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि त्यौहार सिर्फ रंग-गुलाल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आपसी रिश्तों को मजबूत करने और समाज में प्रेम का संचार करने का सबसे सशक्त माध्यम है।

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