देहरादून/ऋषिकेश: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के उत्तराखंड दौरे के दौरान मंगलवार को महिला कांग्रेस ने जोरदार हंगामा किया। प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में पदाधिकारी और कार्यकर्ता प्रदेश के विभिन्न मुद्दों को लेकर गृहमंत्री को ज्ञापन देने पहुंचीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। महिला कांग्रेस का आरोप है कि ज्ञापन लेने से इनकार करने के बाद पुलिस ने धक्का-मुक्की की, जिसमें ज्योति रौतेला घायल हो गईं। इसके बाद पुलिस महिला कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को ऋषिकेश कोतवाली ले गई।
प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक संगठनों को अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री किसी एक दल के नहीं बल्कि पूरे देश के गृहमंत्री हैं, लेकिन उत्तराखंड आने पर वे जनता के मुद्दे सुनने के बजाय विपक्ष की आवाज दबाने का काम कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि महिला कांग्रेस गृहमंत्री को पांच सूत्रीय ज्ञापन देना चाहती थी, जिसमें प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था, अंकिता भंडारी हत्याकांड में अब तक पूर्ण न्याय न मिलना, महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दे शामिल थे। साथ ही, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम जेफरी एपस्टीन फाइल में सामने आने की खबरों को लेकर निष्पक्ष जांच और उनके इस्तीफे की मांग भी की गई थी।


ज्योति रौतेला ने कहा कि भाजपा सरकार के दबाव में प्रशासन काम कर रहा है और महिलाओं की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने इन ज्वलंत मुद्दों पर संज्ञान नहीं लिया तो प्रदेश महिला कांग्रेस जनहित के मुद्दों को लेकर व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होगी।
इस दौरान वरिष्ठ महिला कांग्रेस उपाध्यक्ष आशा मनोरमा शर्मा, महानगर अध्यक्ष उर्मिला ढौंढियाल थापा, जिला अध्यक्ष अंशुल त्यागी, अंजू मिश्रा, निधि नेगी, अनीता सकलानी, दीपा चौहान, नलिनी दीक्षित, भावना शर्मा, नितिन उनियाल और गौरव रावत सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।



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