देहरादून/नई दिल्ली । उत्तराखंड के केंद्रीय पेंशनरों की स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े मुद्दे अब राष्ट्रीय स्तर पर उठने लगे हैं। Standing Committee of Voluntary Agencies (SCOVA) की 35वीं बैठक में उत्तराखंड के पेंशनभोगियों की समस्याओं को जोरदार ढंग से उठाया गया, जिसमें कोटद्वार और श्रीनगर (गढ़वाल) में CGHS डिस्पेंसरी/वेलनेस सेंटर खोलने की प्रमुख मांग सामने आई।
नई दिल्ली में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय राज्य मंत्री (कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन) डॉ. जितेंद्र सिंह ने की। बैठक में विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी और देशभर की पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
उत्तराखंड केंद्रीय पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से महासचिव रवीन्द्र दत्त सेमवाल और उपाध्यक्ष हरनिन्दर सिंह काला ने बैठक में भाग लेते हुए राज्य के पेंशनभोगियों की प्रमुख समस्याओं को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि गढ़वाल क्षेत्र में बड़ी संख्या में केंद्रीय सरकार के सेवारत व सेवानिवृत्त कर्मचारी और पेंशनर निवास करते हैं, लेकिन CGHS की नियमित चिकित्सा सुविधाएं अभी केवल देहरादून तक ही सीमित हैं, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों को उपचार के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।

एसोसिएशन ने बैठक में मांग उठाई कि कोटद्वार और श्रीनगर (गढ़वाल) में CGHS डिस्पेंसरी स्थापित की जाए, ताकि गढ़वाल क्षेत्र के हजारों पेंशनरों को अपने ही क्षेत्र में उपचार की सुविधा मिल सके। इसके साथ ही देहरादून में विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं के लिए CGHS पॉली क्लिनिक स्थापित करने की भी आवश्यकता बताई गई।
बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए रेफरल की आयु सीमा 70 वर्ष से घटाकर 60 वर्ष की जाए, जिससे अधिक पेंशनभोगियों को समय पर इलाज मिल सके। इसके अलावा एक लाख रुपये से अधिक के चिकित्सा उपचार के अनुमान पर CGHS निदेशालय, नई दिल्ली से शीघ्र स्वीकृति देने की प्रक्रिया को भी तेज करने की मांग की गई।

गौरतलब है कि इससे पूर्व भी उत्तराखंड केंद्रीय पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इन मुद्दों को लेकर गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी तथा केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा को पत्र लिखकर गढ़वाल क्षेत्र में CGHS सुविधाओं के विस्तार की मांग की थी।
बैठक में प्रस्तुत सुझावों को गंभीरता से सुना गया और संबंधित मंत्रालयों द्वारा इन पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया गया। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि केंद्र सरकार शीघ्र निर्णय लेकर उत्तराखंड के हजारों केंद्रीय पेंशनरों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाएगी।



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