देहरादून/हरिद्वार: उत्तराखंड में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार जिले की इकबालपुर पुलिस चौकी का सफाया कर दिया है। अवैध खनन से जुड़ा एक ऑडियो सामने आने के बाद जहां पूरे विभाग में हड़कंप मच गया, वहीं सीएम धामी ने अपने निर्देश पर पूरी चौकी के छह पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कराकर सख्त संदेश दे दिया।
दरअसल, इकबालपुर क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर एक ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें पुलिसकर्मियों की संदिग्ध भूमिका होने का आरोप था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जैसे ही यह ऑडियो मुख्यमंत्री के संज्ञान में आया, उन्होंने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने तत्काल संज्ञान लेते हुए इकबालपुर चौकी प्रभारी सहित पूरी चौकी के छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि प्रदेश में अवैध खनन और पुलिस की मिलीभगत को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों के नाम:
- उपनिरीक्षक नवीन सिंह चौहान (चौकी प्रभारी, इकबालपुर)2. हेड कांस्टेबल विरेन्द्र शर्मा 3. हेड कांस्टेबल हरेन्द्र 4. कांस्टेबल विपिन कुमार 5. कांस्टेबल देवेश सिंह 6. कांस्टेबल प्रदीप
पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई तत्काल प्रभाव से लागू है। निलंबित किए गए इन सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इस पूरे प्रकरण की विस्तृत और निष्पक्ष जांच एसपी देहात को सौंप दी गई है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि अवैध खनन के इस धंधे में पुलिसकर्मियों की कितनी और किस स्तर की संलिप्तता रही है। साथ ही यह भी जांचा जाएगा कि वायरल ऑडियो किन परिस्थितियों में रिकॉर्ड हुआ और इसके पीछे कौन-कौन से लोग शामिल हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस कार्रवाई को लेकर साफ किया कि राज्य में अवैध खनन, भ्रष्टाचार और पुलिस की मिलीभगत जैसी किसी भी अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों और कर्मचारियों पर है, यदि वही अपने कर्तव्यों में लापरवाही बरतते हैं या अनुचित गतिविधियों में संलिप्त पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ सबसे कठोर कार्रवाई की जाएगी।”
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि मामले की जांच बिना किसी दबाव के निष्पक्षता से की जाए और जांच के बाद यदि और भी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
इस कार्रवाई से प्रदेश के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में अवैध खनन और पुलिस की मिलीभगत के खिलाफ और भी सख्त अभियान चलाया जा सकता है।

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