‘हर मोर्चे पर नाकाम थे धन सिंह, शिक्षा और सहकारिता से भी पैदल कराने का रखा लक्ष्य’
विकासनगर/देहरादून: जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने सरकार द्वारा स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत से स्वास्थ्य मंत्रालय वापस लिए जाने के फैसले को अपने संगठन की बड़ी जीत बताया है। नेगी ने कहा कि प्रदेश की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दिलाने के संघर्ष में यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और उन्होंने इस निर्णय पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
नेगी ने जारी बयान में कहा कि पिछले कई महीनों से जन संघर्ष मोर्चा स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत की नाकामियों को लेकर लगातार आक्रामक रहा था। उन्होंने बताया कि प्रदेश में गर्भवती महिलाओं को समुचित इलाज न मिलने से होने वाली मौतें, आपात स्थिति में सरकारी और निजी अस्पतालों में वेंटिलेटर व आईसीयू जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव, आयुष्मान योजना में कथित धांधली, निजी अस्पतालों द्वारा मृत मरीजों के परिजनों से लूटपाट, अस्पतालों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी तथा चिकित्सकों का ड्यूटी से गायब रहना जैसे गंभीर मुद्दे उठाए गए थे।
“हमारे द्वारा स्वास्थ्य मंत्री और राजभवन पर लगातार हमला बोला गया। इस दबाव के चलते सरकार को मंत्री की नाकामी मानते हुए उनसे विभाग छीनना पड़ा। इस फैसले से प्रदेश की जनता को बड़ी राहत मिलेगी,” नेगी ने कहा।
जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि धन सिंह रावत के पास अभी भी शिक्षा और सहकारिता विभाग का जिम्मा है, जहां उनकी विफलता और भ्रष्टाचार के आरोप पहले से ही हैं। नेगी ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग में वह पहले ही फेल हो चुके हैं, जबकि सहकारिता विभाग में उनके खिलाफ घोटालों की लंबी सूची है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि मोर्चा अब धन सिंह रावत को शिक्षा और सहकारिता मंत्रालय से भी पदच्युत कराने के लिए आंदोलन चलाएगा। “शिक्षा व सहकारिता विभाग से पैदल कराना भी मोर्चा का अगला लक्ष्य है,” नेगी ने कहा।

Recent Comments