उत्तराखण्ड STF का हथियार तस्करों पर बड़ा प्रहार, ऑटोमेटिक हथियारों की खेप के साथ दो गिरफ्तार

जसपुर में संयुक्त कार्रवाई, दो राज्यों में फैले नेटवर्क पर चोट; हिस्ट्रीशीटर समेत आरोपियों से पंप एक्शन गन, पिस्टल और कारतूस बरामद

देहरादून । उत्तराखण्ड स्पेशल टास्क फोर्स ने अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स कुमाऊं ने कोतवाली जसपुर पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाकर आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए। इस कार्रवाई में 02 पंप एक्शन गन, 02 पिस्टल .32 बोर, 10 जिंदा कारतूस और तस्करी में प्रयुक्त एक कार बरामद की गई। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई से उत्तराखण्ड और उत्तर प्रदेश में सक्रिय एक अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ द्वारा हाल ही में सभी टीमों को अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों, घुसपैठियों, बांग्लादेशी नागरिकों, संदिग्ध बाहरी व्यक्तियों, सक्रिय गैंगों और अवैध हथियारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इन्हीं निर्देशों के अनुपालन में एसटीएफ की एंटी नारकोटिक्स टीम कुमाऊं ने जसपुर पुलिस के साथ समन्वित कार्रवाई करते हुए जसपुर क्षेत्र से दो आरोपियों को दबोचा। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान शमशेर सिंह पुत्र कुलवंत सिंह, निवासी ग्राम हजीरा, थाना जसपुर, जनपद ऊधम सिंह नगर, उम्र 39 वर्ष तथा सिमरनजीत पुत्र अजमेर, निवासी अंजनिया फार्म, थाना पुलभट्टा, जनपद ऊधम सिंह नगर, उम्र 37 वर्ष के रूप में हुई है।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार अभियुक्तों में से सिमरनजीत थाना पुलभट्टा का हिस्ट्रीशीटर है, जिसके खिलाफ उत्तराखण्ड और उत्तर प्रदेश में एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस वजह से एसटीएफ इस गिरफ्तारी को केवल हथियार बरामदगी तक सीमित नहीं मान रही, बल्कि इसे अपराध जगत से जुड़े एक संगठित तंत्र पर निर्णायक चोट के रूप में देख रही है।

पूछताछ में अभियुक्तों ने खुलासा किया कि बरामद हथियार शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश से लाए गए थे और इन्हें संभवतः जसपुर क्षेत्र में बेचने की तैयारी थी। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी संकेत मिले हैं कि इन हथियारों को फर्जी लाइसेंस के सहारे आगे खपाने की योजना थी। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने, सप्लाई चैन की तह तक पहुंचने और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच में जुटी है। सभी प्राप्त इनपुट पर कार्रवाई की जा रही है।

इस ताजा कार्रवाई के साथ उत्तराखण्ड एसटीएफ ने बीते दो सप्ताह के भीतर अवैध हथियारों के खिलाफ तीसरी बड़ी सफलता दर्ज की है। महज 10 दिनों के भीतर एसटीएफ ने 5 कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार कर 06 अवैध तमंचे, 02 पंप एक्शन गन, 02 पिस्टल .32 बोर और 31 कारतूस बरामद किए हैं। इससे साफ है कि राज्य में हथियार तस्करी के खिलाफ एसटीएफ ने मोर्चा बेहद आक्रामक ढंग से संभाल रखा है।

इस ऑपरेशन को अंजाम देने वाली एसटीएफ/एएनटीएफ टीम में निरीक्षक पावन स्वरुप और विकास कुमार के नेतृत्व में उपनिरीक्षक विनोद चंद्र जोशी, विपिन चंद्र जोशी, के.जी. मठपाल, हेड कांस्टेबल महेन्द्र गिरी, किशोर कुमार, रविन्द्र सिंह, दुर्गा सिंह, सुरेन्द्र कनवाल, तथा आरक्षी वीरेन्द्र चौहान, इसरार अहमद और जितेन्द्र कुमार शामिल रहे। वहीं कोतवाली जसपुर पुलिस टीम से उपनिरीक्षक गोविन्द मेहता, आरक्षी विजराम सिंह और सुभाष चंद्र ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उत्तराखण्ड एसटीएफ की यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है जब राज्य में अवैध हथियारों, संगठित अपराध और अंतरजनपदीय गिरोहों पर शिकंजा कसने की मुहिम तेज की गई है। जसपुर की यह बरामदगी न केवल पुलिस की सक्रियता को दर्शाती है, बल्कि इस बात का भी संकेत देती है कि अपराधियों के नेटवर्क अब सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बच नहीं पाएंगे।

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