पौड़ी। जिला उद्योग केंद्र के तत्वावधान में दो दिवसीय उद्यमिता नेतृत्व कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। “जन-जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल” कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस कार्यशाला ने युवाओं एवं भावी उद्यमियों को नयी ऊर्जा, स्पष्ट दिशा एवं व्यावसायिक समझ प्रदान की।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को परियोजना प्रारम्भ (प्रोजेक्ट इनिशिएशन) एवं प्रतिस्पर्धी विश्लेषण (कम्पेटिटिव इंटेलिजेंस) के माध्यम से व्यवसाय की मजबूत नींव रखने के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों द्वारा सिडकुल भूमि आवंटन, सीडा मैप स्वीकृति की तकनीकी प्रक्रियाएं, वित्तीय प्रबंधन एवं जीएसटी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सरल एवं व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया गया। इसके साथ ही डिजिटल मार्केटिंग, वित्तीय साक्षरता तथा उत्तराखंड सरकार की स्वरोजगार एवं उद्योग विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी प्रतिभागियों को दी गयी, जिससे वे सरकारी सहायता का अधिकतम लाभ उठा सकें।
कार्यशाला के दूसरे दिन विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं विशेषज्ञों द्वारा महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए गए। प्रथम सत्र में जिला उद्योग केंद्र की योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। इसके पश्चात अग्निशमन विभाग द्वारा औद्योगिक सुरक्षा एवं अग्नि सुरक्षा (फायर प्रिवेंशन) से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर मार्गदर्शन दिया गया। डिजिटल मार्केटिंग विषय पर विशेषज्ञों ने आधुनिक विपणन के प्रभावी तरीकों से प्रतिभागियों को अवगत कराया।
द्वितीय सत्र में उद्यान विभाग द्वारा उद्यानिकी से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी गयी। इसके बाद सफल उद्यमियों ने अपने अनुभव एवं सफलता की कहानियां साझा कीं, जिससे प्रतिभागियों में आत्मविश्वास का संचार हुआ और उन्हें स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। पीआईडीपी योजना से संबंधित सफल उदाहरण भी प्रस्तुत किए गए।
कार्यक्रम के अंत में संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने प्रश्न रखे और विशेषज्ञों द्वारा उनका समाधान किया गया। समापन सत्र में प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा बैम्बू क्राफ्ट प्रशिक्षण से जुड़े प्रतिभागियों को भी प्रमाण पत्र वितरित किए गए। यह कार्यशाला स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुई है। कोटद्वार अब स्थानीय प्रतिभाओं को नयी पहचान दिलाने और “आत्मनिर्भर उत्तराखंड” के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।
कार्यक्रम में प्रबंधक आर.पी. आर्य, उपासना सिंह, विवेक चौहान (सचिव, सिडकुल औद्योगिक निर्माता संघ), सुनील गुप्ता (अध्यक्ष, सिडकुल औद्योगिक निर्माता संघ), सुनील कुमार (वित्तीय विशेषज्ञ), भगत सिंह नेगी (जेई, सीडा), रोहित रौतेला (जेई, सिडकुल), कमल थापा (चेयरमैन, सिद्धबाबा कृषक उत्पादन संगठन), विवेक जदली (डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञ) सहित अनेक उद्यमी एवं प्रशिक्षक उपस्थित रहे।

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