दून को जाम से राहत की उम्मीद: परेड ग्राउंड ऑटोमेटेड पार्किंग जनता को समर्पित

मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण, 111 वाहनों की क्षमता वाली आधुनिक सुविधा से शहर की यातायात व्यवस्था को मिलेगा नया आधार

देहरादून । राजधानी दून की लगातार बढ़ती यातायात समस्या के बीच शहर को आधुनिक शहरी सुविधाओं की दिशा में एक अहम सौगात मिली है। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री ने परेड ग्राउंड में निर्मित 111 वाहन क्षमता वाली ऑटोमेटेड पार्किंग का विधिवत लोकार्पण कर इसे जनमानस को समर्पित किया। लगभग 472.23 लाख रुपये की लागत से तैयार यह परियोजना शहर में सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था विकसित करने और यातायात दबाव कम करने की दिशा में जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

जिला प्रशासन ने इस परियोजना को शहर में बढ़ते वाहन भार, सीमित पार्किंग स्थलों और लगातार गहराती जाम की समस्या के समाधान के रूप में विकसित किया है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिलाधिकारी सविन बंसल की पहल पर तैयार की गई यह व्यवस्था दून को आधुनिक, सुव्यवस्थित और स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन वाले शहर की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास है। प्रशासन का मानना है कि पार्किंग की वैज्ञानिक व्यवस्था से न केवल सड़क किनारे अव्यवस्थित वाहन खड़े होने की समस्या कम होगी, बल्कि प्रमुख बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में यातायात संचालन भी अधिक सुचारु हो सकेगा।

जिला प्रशासन की योजना के तहत शहर में चरणबद्ध तरीके से तीन प्रमुख ऑटोमेटेड पार्किंग स्थल विकसित किए गए हैं। इनमें परेड ग्राउंड में 111 वाहन क्षमता, तिब्बती मार्केट में 132 वाहन क्षमता और कोरोनेशन क्षेत्र में 18 वाहन क्षमता वाली पार्किंग शामिल है। इन सुविधाओं के शुरू होने से शहर के प्रमुख व्यावसायिक और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पार्किंग संकट कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।

इस परियोजना की एक विशेष बात यह भी है कि जिला प्रशासन ने पार्किंग सुविधा को केवल वाहन खड़ा करने तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे नागरिक हितैषी बनाने के लिए “फ्री सखी कैब सेवा” भी शुरू की है। इस सेवा के तहत जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, देहरादून को नए ईवी वाहन (टाटा पंच) उपलब्ध कराए गए हैं। इन वाहनों के माध्यम से पार्किंग में अपने वाहन खड़ा करने वाले नागरिकों को नजदीकी व्यस्त और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों तक निःशुल्क आवागमन की सुविधा दी जा रही है। इससे लोगों को पार्किंग से गंतव्य तक पहुंचने में सहूलियत मिलेगी और शहर के भीतरी हिस्सों में अनावश्यक वाहन दबाव भी कम होगा।

इसके अलावा, जिला प्रशासन ने सार्वजनिक परिवहन को और प्रभावी बनाने की दिशा में भी तैयारी शुरू कर दी है। प्रशासन के अनुसार जल्द ही आधुनिक ईवी मिनी बस शटल सेवा शुरू की जाएगी, जो पार्किंग स्थलों से प्रमुख गंतव्यों तक लोगों के आवागमन को आसान बनाएगी। यह सेवा निजी वाहनों के उपयोग को कम करने के साथ-साथ पर्यावरण अनुकूल शहरी परिवहन व्यवस्था को भी बढ़ावा देगी।

जिला प्रशासन का यह प्रयास केवल पार्किंग निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे जाम से राहत, स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं के विस्तार से जुड़ी एक व्यापक शहरी पहल के रूप में देखा जा रहा है। दून जैसे तेजी से फैलते शहर के लिए यह परियोजना आने वाले समय में यातायात प्रबंधन का एक उपयोगी मॉडल बन सकती है।

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