एसएसपी दून की दो टूक—नशे, उपद्रव और आपराधिक गतिविधियों में लिप्त छात्र ही नहीं, पीजी-हॉस्टल संचालक भी आएंगे कानून के घेरे में
देहरादून । प्रेमनगर क्षेत्र में हाल के घटनाक्रमों के बाद दून पुलिस ने साफ संदेश दे दिया है कि शिक्षा की आड़ में शहर का माहौल खराब करने वालों के लिए अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर मंगलवार को प्रेमनगर क्षेत्र में वृहद स्तर पर सत्यापन और चेकिंग अभियान चलाया गया। एसपी सिटी के नेतृत्व में पुलिस क्षेत्राधिकारियों और अलग-अलग पुलिस टीमों ने हॉस्टल, पीजी, होटल, ढाबों और प्रमुख मार्गों पर एक साथ कार्रवाई कर व्यवस्था को कसने का काम किया। इस दौरान बाहरी छात्रों का सत्यापन, यातायात नियमों का पालन, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी और देर रात तक चल रहे प्रतिष्ठानों की जांच प्रमुख फोकस में रही।
अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने प्रेमनगर क्षेत्र के हॉस्टल और पीजी में रह रहे कॉलेज छात्र-छात्राओं का सत्यापन किया। सभी हॉस्टल और पीजी संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे अपने प्रतिष्ठानों में रह रहे छात्र-छात्राओं का शत-प्रतिशत सत्यापन कराएं। साथ ही दूसरे राज्यों से आने वाले छात्र-छात्राओं का उनके मूल निवास स्थान से भी चरित्र सत्यापन उपलब्ध कराने, परिसर में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा रात 10 बजे के बाद किसी भी बाहरी व्यक्ति को पीजी या हॉस्टल में प्रवेश न देने के आदेश दिए गए। पुलिस ने साफ चेतावनी दी कि यदि किसी भी हॉस्टल या पीजी में रह रहे छात्र-छात्रा नशे या अन्य आपराधिक गतिविधियों में लिप्त पाए जाते हैं, तो संबंधित छात्र के साथ-साथ संचालक और मालिक के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


पुलिस की सख्ती का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अपने यहां रह रहे छात्र-छात्राओं का सत्यापन न कराने वाले 08 पीजी/हॉस्टल संचालकों के खिलाफ पुलिस एक्ट की धारा 83 के तहत चालान कर 80 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। पुलिस ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि छात्र आवासीय प्रतिष्ठानों की जवाबदेही अब केवल किराया लेने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वहां रहने वालों की गतिविधियों पर निगरानी और वैधानिक प्रक्रिया का पालन भी सुनिश्चित करना होगा।
चेकिंग अभियान केवल हॉस्टल और पीजी तक सीमित नहीं रहा। पुलिस ने प्रेमनगर क्षेत्र में ट्रिपल राइडिंग, रैश ड्राइविंग और ओवरस्पीडिंग करने वाले युवाओं के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की। मुख्य मार्गों पर बेतरतीब ढंग से वाहन खड़े कर यातायात बाधित करने वालों को भी नहीं बख्शा गया। अभियान के दौरान 52 वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई, जबकि 16 वाहनों को सीज कर दिया गया। इस कार्रवाई से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि यातायात नियमों की अनदेखी अब महंगी पड़ने वाली है।
इसके अलावा प्रेमनगर, पौंधा और नंदा की चौकी क्षेत्रों में होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों पर भी व्यापक चेकिंग की गई। सभी संचालकों को निर्धारित समयावधि के बाद अपने प्रतिष्ठान बंद रखने और किसी भी हालत में परिसर में शराब सेवन न होने देने की सख्त हिदायत दी गई। पुलिस ने चेताया कि किसी भी होटल, ढाबे या रेस्टोरेंट में शराब या अन्य नशीले पदार्थों के सेवन की शिकायत मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठान स्वामी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


अभियान के दौरान पुलिस ने 75 ऐसे छात्रों को थाने लाकर पूछताछ की, जो मौके पर पहचान संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके या बिना सत्यापन के रह रहे थे। इन सभी से आवश्यक पूछताछ कर उनके सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कराई गई और उन्हें किसी भी संदिग्ध गतिविधि में शामिल न होने की सख्त हिदायत दी गई। इसके अतिरिक्त नियमों का उल्लंघन करने वाले 24 व्यक्तियों के खिलाफ भी पुलिस एक्ट में चालान किए गए।
दून पुलिस की इस व्यापक कार्रवाई को प्रेमनगर क्षेत्र में अनुशासन, सुरक्षा और कानून व्यवस्था की बहाली की दिशा में निर्णायक कदम माना जा रहा है। एसएसपी की स्पष्ट चेतावनी और जमीनी स्तर पर की गई कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि देहरादून में शिक्षा के नाम पर अराजकता, नशाखोरी और आपराधिक गतिविधियों को अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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