छात्र झगड़ों में तुरंत मुकदमा, हॉस्टल-पीजी व संस्थान प्रबंधन की भी तय होगी जवाबदेही
देहरादून । देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने जिले में शिक्षण संस्थानों के भीतर बढ़ती गुटबाजी, छात्र झगड़ों और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए सभी थाना प्रभारियों और राजपत्रित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। एसएसपी ने कहा है कि शिक्षण संस्थानों, हॉस्टलों और पीजी में माहौल खराब करने वाले छात्रों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाए, साथ ही संबंधित संस्थानों को रिपोर्ट भेजकर ऐसे छात्रों के निष्कासन की प्रक्रिया भी सुनिश्चित कराई जाए।
मंगलवार को आयोजित गोष्ठी में एसएसपी ने जनपद के सभी थाना प्रभारियों से उनके क्षेत्रों में स्थित शिक्षण संस्थानों, हॉस्टलों और पीजी से संबंधित जानकारी ली। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि जिन छात्रों की गतिविधियां संदिग्ध हों, जो गुटबाजी कर रहे हों या किसी आपराधिक गतिविधि में लिप्त पाए जाएं, उनके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए। छात्रों के बीच होने वाले किसी भी विवाद या मारपीट की सूचना मिलते ही बिना देरी अभियोग पंजीकृत कर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को यह भी कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में दिन और रात के समय लगातार स्थान बदल-बदलकर सघन चेकिंग अभियान चलाएं। इस दौरान ड्रंक एंड ड्राइव, रैश ड्राइविंग और ओवरस्पीडिंग करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए। साथ ही रात में अनावश्यक रूप से घूमने वाले छात्रों और संदिग्ध व्यक्तियों को थाने लाकर नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया है।
बैठक में शिक्षण संस्थानों, हॉस्टलों और पीजी संचालकों की जिम्मेदारी भी स्पष्ट की गई। पुलिस ने साफ किया है कि संस्थानों में पढ़ने या रहने वाले छात्रों के बीच यदि गुटबाजी, विवाद या तनाव जैसी कोई स्थिति बनती है तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को देनी होगी। यदि किसी संस्थान, हॉस्टल या पीजी में छात्रों के बीच हुए विवाद की जानकारी पुलिस से छिपाई जाती है और भविष्य में उससे कोई अप्रिय घटना होती है, तो संबंधित संस्थान या प्रतिष्ठान प्रबंधन की जिम्मेदारी तय करते हुए उनके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी ने होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में छात्रों के बीच होने वाले विवादों को भी गंभीरता से लिया है। निर्देश दिए गए हैं कि यदि ऐसे किसी स्थान पर छात्रों के बीच झगड़े की घटना सामने आती है तो संबंधित होटल, रेस्टोरेंट या ढाबा संचालक की भूमिका की भी जांच की जाएगी। इतना ही नहीं, यदि ऐसे स्थानों पर इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति होती है तो संचालकों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
एसएसपी दून ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को यह भी स्पष्ट चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि किसी थाना क्षेत्र में इस प्रकार की घटना होती है और उसमें पुलिस की शिथिलता या लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित थाना प्रभारी की जवाबदेही तय कर उसके खिलाफ भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की इस सख्ती को शहर में शैक्षणिक माहौल को सुरक्षित, अनुशासित और अपराधमुक्त बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में पुलिस द्वारा शिक्षण संस्थानों, हॉस्टलों और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी, चेकिंग और संवाद की कार्रवाई और तेज किए जाने की संभावना है।

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