देहरादून।मंत्रिमंडल के हालिया विस्तार के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज पहली बार कैबिनेट की पूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में सरकार ने कुल 16 प्रस्तावों को हरी झंडी देते हुए कई अहम क्षेत्रों में निर्णय लिए।
‘वीर उद्यमी योजना’ को मंजूरी, पूर्व अग्निवीरों को विशेष लाभ
कैबिनेट की सबसे चर्चित घोषणा ‘उत्तराखंड वीर उद्यमी योजना’ को स्वीकृति मिलना रही। इसके तहत मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में लक्ष्य का 10 प्रतिशत भाग पूर्व सैनिकों एवं पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित किया जाएगा। साथ ही, इस वर्ग को सब्सिडी में भी पांच प्रतिशत की अतिरिक्त वृद्धि का प्रावधान किया गया है।
न्यायिक एवं प्रशासनिक कर्मियों को बड़ी राहत
न्याय विभाग से जुड़े कर्मचारियों के लिए भी कैबिनेट ने अहम फैसला लिया। अब न्यायिक कर्मी नाममात्र के ब्याज दर पर 10 लाख रुपये तक का सॉफ्ट लोन ले सकेंगे। वहीं, प्रशासनिक पदों पर नियुक्ति के लिए आवश्यक न्यूनतम सेवा अवधि को घटाकर 22 वर्ष कर दिया गया है, जो पहले 25 वर्ष थी। यह निर्णय कार्मिक विभाग की म বিদ्यमान व्यवस्था के अनुरूप लाया गया है।
ऊर्जा, गृह एवं पुलिस विभाग से जुड़े अहम फैसले
ऊर्जा विभाग में सब्सिडी वसूली को लेकर नया एक्ट पारित किया गया, जिसमें सब्सिडी लाभ 31 मार्च 2025 तक सीमित करने का निर्णय शामिल है। गृह विभाग में भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद प्रशिक्षण हेतु विशेषज्ञों की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई।
पुलिस, पीएसी, अग्निशमन एवं प्लाटून में सिपाही एवं उपनिरीक्षक पदों के लिए बनाई गई नई नियमावली को भी स्वीकृति मिल गई। इसके तहत घटी हुई सीमा के बाद अब इन पदों के लिए दोबारा अवसर प्रदान किए जाएंगे।

शिक्षा, खाद्य एवं कृषि क्षेत्र में भी बड़े निर्णय
उच्च शिक्षा: स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय से जुड़े प्रीमियम प्रस्ताव पर प्रस्तुति दी गई।
· माध्यमिक शिक्षा: सहायता प्राप्त विद्यालयों के अध्ययन हेतु उपसमिति गठित करने का निर्णय।
· खाद्य एवं आपूर्ति: राज्य में 2.20 लाख मैट्रिक टन गेहूं एवं धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित। केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही मंडी शुल्क की दर राज्य सरकार भी वहन करेगी।
· नियोजन: सेतु आयोग के गठन एवं कार्यक्षेत्र को लेकर मंत्रिमंडल ने स्वीकृति प्रदान की।
विधानसभा सत्रावसान को मिली मंजूरी
बैठक में पंचम विधानसभा के सत्रावसान को भी आधिकारिक मंजूरी दे दी गई। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग में एक करोड़ रुपये से अधिक की कंसल्टेंसी से जुड़े प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गई।
सरकार के इन फैसलों को प्रदेश में रोजगार, प्रशासनिक सुधार और कर्मियों के हितों से जोड़कर देखा जा रहा है। कैबिनेट बैठक के बाद अधिकारियों ने बताया कि सभी निर्णय जनहित एवं विकास की दृष्टि से लिए गए हैं।

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