शहर से दुर्गम त्यूनी-चकराता तक स्वास्थ्य सेवाएं होंगी मजबूत; जिला चिकित्सालय, मसूरी, ऋषिकेश, एसएनसीयू, मॉडल टीकाकरण केंद्र और शव विच्छेदन गृह में बढ़ा स्टाफ
देहरादून। जनपद देहरादून में आमजन को सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के प्रयासों से जिले के सरकारी चिकित्सालयों में 34 आउटसोर्स कार्मिकों की तैनाती की गई है। इनमें लैब टेक्नीशियन, कक्ष सेविका, वाहन चालक, पर्यावरण मित्र, डाटा एंट्री ऑपरेटर और अन्य सहायक कार्मिक शामिल हैं। इनकी तैनाती से अस्पतालों में मैनपॉवर की कमी दूर होगी और मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
जिलाधिकारी ने शहर से लेकर दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्र त्यूनी तक विभिन्न सरकारी अस्पतालों, उप जिला चिकित्सालयों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर स्टाफ की कमी सामने आई, जिसके बाद जिला प्रशासन ने अपने स्तर पर बजट स्वीकृत कर आवश्यक कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चित की।

जिला चिकित्सालय स्थित राज्य के पहले मॉडल टीकाकरण केंद्र के सुचारु संचालन के लिए 7 कार्मिक नियुक्त किए गए हैं। इसी तरह उप जिला चिकित्सालय ऋषिकेश में 13, उप जिला चिकित्सालय मसूरी में 7, जिला चिकित्सालय के एसएनसीयू में 2, शव विच्छेदन गृह में 1, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र त्यूनी में 2 तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चकराता में 2 अतिरिक्त कार्मिकों की तैनाती की गई है।
जिला प्रशासन के अनुसार इन कार्मिकों के वेतन की स्वीकृति जिला योजना से प्रदान की गई है। साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भी स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। विभिन्न माध्यमों से कार्यरत आवश्यक कार्मिकों के सेवाविस्तार और बजट स्वीकृति भी सुनिश्चित की गई है, ताकि अस्पतालों में सेवाएं निर्बाध रूप से चलती रहें।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी चिकित्सालयों में उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग किया जाए और आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। जिला प्रशासन का कहना है कि जनमानस को स्वास्थ्य सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी न हो, इसके लिए हर स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।


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