देहरादून में राज्य स्तरीय उद्यमिता महोत्सव का भव्य आयोजन, 51 उत्कृष्ट उद्यमियों को सम्मान

कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी ने किया शुभारंभ; एमयूवाई ओलम्पिक्स, एक्सपो, वेबसाइट और न्यूजलेटर लॉन्च के साथ ग्रामीण उद्यमिता को मिला नया मंच

देहरादून। देहरादून के राजपुर रोड स्थित सिविल सर्विस इंस्टीट्यूट में शनिवार को मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के अंतर्गत एक दिवसीय राज्य स्तरीय उद्यमिता महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राज्य के कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने एमयूवाई ओलम्पिक्स का भी शुभारंभ किया तथा उद्यमिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 51 लाभार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और लोककल्याणकारी सोच के साथ विकास कार्यों को नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि ग्राम्य विकास तथा लघु एवं सूक्ष्म उद्यम विभागों की जिम्मेदारी मिलना उनके लिए गौरव की बात है और वे इन विभागों के माध्यम से प्रदेश के ग्रामीण अंचलों तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

मंत्री ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों का विकास है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने आमजन से अपील की कि वे विकास कार्यों में सुझाव देकर अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं, ताकि जनसहभागिता के माध्यम से ग्रामीण विकास को और अधिक गति मिल सके।

उन्होंने कहा कि एक समय था जब दूरस्थ गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के पर्याप्त अवसर न होने के कारण पलायन गंभीर समस्या बन गया था, लेकिन अब स्थिति तेजी से बदल रही है। सरकार द्वारा सड़क संपर्क, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगारपरक योजनाओं के विस्तार से गांवों में नए अवसर विकसित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज हजारों महिलाएं उद्यमिता से जुड़कर ‘लखपति दीदी’ बन रही हैं और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। स्वयं सहायता समूहों तथा एमएसएमई के अंतर्गत संचालित उद्यम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहे हैं।

महोत्सव के दौरान 13 ‘लखपति दीदी’, 13 रीप सहायतित उद्यमी, 13 मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना से जुड़े उद्यमी तथा दो स्वयं सहायता समूहों के 12 सदस्यों सहित कुल 51 लाभार्थियों को सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह ने न केवल इन उद्यमियों के कार्यों को पहचान दी, बल्कि अन्य युवाओं और महिलाओं को भी स्वरोजगार तथा उद्यमिता की दिशा में प्रेरित किया।

कार्यक्रम में उद्यमियों को व्यवसाय विस्तार और औपचारिक आर्थिक ढांचे से जोड़ने के लिए क्रेडिट क्लिनिक, उद्यम पंजीकरण और ट्रेडमार्क डिजिटल ऑनबोर्डिंग जैसी उपयोगी गतिविधियां भी आयोजित की गईं। इन पहलों का उद्देश्य उद्यमियों को वित्तीय, तकनीकी और कानूनी प्रक्रियाओं से परिचित कराना तथा उन्हें प्रतिस्पर्धी बाजार के लिए तैयार करना रहा।

महोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण एमयूवाई ओलम्पिक्स रहा, जिसमें 100 प्रतिभागियों ने अपने नवाचारी व्यावसायिक विचार प्रस्तुत किए। इनमें से 18 श्रेष्ठ अवधारणाओं का चयन कर विजेताओं को सम्मानित किया गया। इस प्रतियोगिता ने युवाओं की रचनात्मक सोच, नवाचार क्षमता और स्वरोजगार के प्रति बढ़ती रुचि को उजागर किया।

इसी अवसर पर एमयूवाई वेबसाइट और त्रैमासिक न्यूजलेटर का भी शुभारंभ किया गया। यह पहल राज्य के सभी 13 जनपदों में उद्यमिता से जुड़ी जानकारी, प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, विपणन और नेटवर्किंग के अवसरों को अधिक संगठित और सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

महोत्सव में आयोजित एमयूवाई एक्सपो में राज्य के 13 जनपदों के उद्यमियों ने स्थानीय उत्पादों का आकर्षक प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी में हस्तशिल्प, स्थानीय खाद्य उत्पाद, पारंपरिक वस्तुएं तथा नवाचार आधारित उद्यम मॉडल विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। इससे न केवल स्थानीय उत्पादों को पहचान मिली, बल्कि राज्य की ग्रामीण प्रतिभा और संभावनाओं का भी व्यापक प्रदर्शन हुआ।

ग्राम्य विकास की अपर सचिव एवं एमयूवाई परियोजना समन्वयक झरना कमठान ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना, महिलाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करना तथा उत्कृष्ट कार्य करने वालों को मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन राज्य में उद्यमशीलता की नई संस्कृति विकसित करने में सहायक सिद्ध होंगे।

इस अवसर पर अपर सचिव एवं परियोजना समन्वयक एमयूवाई झरना कमठान, आयुक्त एवं अपर सचिव ग्राम्य विकास अनुराधा पाल, अपर आयुक्त ग्राम्य विकास भरत चन्द्र भट्ट, संयुक्त आयुक्त संजय कुमार सिंह, उपायुक्त नरेश कुमार, उपायुक्त ए.के. राजपूत, सीईओ डॉ. प्रभाकर बेवनी, एसीईओ प्रदीप पांडेय, उप निदेशक ग्रामोत्थान महेन्द्र यादव सहित अनेक अधिकारी, उद्यमी, लखपति दीदी एवं स्वयं सहायता समूहों के सदस्य मौजूद रहे।

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