ऋषिकेश। बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेश भर में जारी जनाक्रोश रविवार को ऋषिकेश में खुलकर सामने आया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के बैनर तले सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने कोयल घाटी स्थित पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक प्रेमचंद अग्रवाल के आवास का घेराव किया। हालात को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया।
प्रदर्शन में ऋषिकेश के अलावा देहरादून, हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग दोहराई और विधायक के कथित “VIP कमरे” वाले बयान पर कड़ी आपत्ति जताई।
आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना था कि इस प्रकार के बयान से असली आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। मंच की संयोजक कमला पंत ने कहा कि जब तक कथित वीआईपी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक न्याय अधूरा रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री पद पर रहते हुए दिए गए बयान ने पूरे मामले को भ्रमित करने का काम किया।
महिला मंच की प्रतिनिधि निर्मला बिष्ट ने भी जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब जांच एजेंसियों ने VIP को व्यक्ति के रूप में दर्ज किया है, तो उसे “कमरा” बताना गंभीर संदेह पैदा करता है। उन्होंने इसे प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश करार दिया।

वक्ताओं ने प्रदेश सरकार और सत्तारूढ़ दल पर निशाना साधते हुए महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर चिंता जताई। उनका कहना था कि जब सत्ता से जुड़े नाम सामने आते हैं, तो स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय और गरमा गया जब कुछ आंदोलनकारियों ने विधायक आवास के बाहर लगे दुष्यंत कुमार के पोस्टर फाड़ दिए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि ऐसे पोस्टर तुरंत हटाए जाएं, अन्यथा जनता खुद कार्रवाई करेगी।
आंदोलनकारियों ने साफ कहा कि जब तक कथित आरोपी—दुष्यंत गौतम और अजय कुमार—की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा और इसे और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने कुछ राजनीतिक व्यक्तियों पर आरोपियों के महिमामंडन का भी आरोप लगाया।
घेराव के बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर सभा कर अपने विचार रखे। सभा को उमा भट्ट, कमला पंत, निर्मला बिष्ट, सुजाता पॉल, एडवोकेट पंकज सिंह क्षेत्री, ब्रिगेडियर सर्वेश डंगवाल, उषा डोभाल, मोहित डिमरी, कनिष्क जोशी और सूरज सिंह नेगी सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। सभी ने एक स्वर में कहा कि न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन में पद्मा गुप्ता, मंजू बलोदी, विजया नैथानी, हेमलता, सुरेंद्र सिंह नेगी, शांता नेगी, बीना डंगवाल समेत बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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