देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्षा ज्योति रौतेला ने देश और प्रदेश में लगातार बढ़ते महिला अपराधों और ध्वस्त हो चुकी कानून-व्यवस्था को लेकर केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार पर चौतरफा हमला बोला है। सोमवार को राजधानी में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान ज्योति रौतेला ने कड़े शब्दों में कहा कि आज देवभूमि की बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और सरकार अपराधियों को संरक्षण देने में व्यस्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि देशभर में भाजपा के कई नेताओं, जनप्रतिनिधियों और उनके करीबियों पर दुष्कर्म व यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप लगे हैं, लेकिन निष्पक्ष कार्रवाई के बजाय इन मामलों को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कुख्यात यौन अपराधी जैफ्री एपिस्टिन की फाइल्स में केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी का नाम आने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यप्रणाली पर सुब्रमण्यम स्वामी व मधु किश्वर द्वारा उठाए गए सवालों पर सरकार की चुप्पी को लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा बताया।
ज्योति रौतेला ने देवभूमि की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जो राज्य अपनी शांति और सांस्कृतिक मूल्यों के लिए जाना जाता था, वह आज हत्या, बलात्कार और जघन्य अपराधों के कारण सुर्खियों में है। उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि 2022 में हुए इस जघन्य कांड में ‘वीआईपी’ की संलिप्तता जगजाहिर होने के बावजूद राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन मुख्य आरोपी को बचाने का प्रयास करते रहे हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जब से भाजपा सत्ता में आई है, उत्तराखंड महिला अपराधों में हिमालयी राज्यों की सूची में पहले पायदान पर पहुंच गया है। आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि 2021 में दर्ज 3431 मामलों की तुलना में 2025 तक यह संख्या 4200 के पार जा चुकी है, जो सरकार की पूर्ण विफलता का प्रमाण है।
कांग्रेस नेत्री ने अपराधों की एक लंबी फेहरिस्त मीडिया के सामने रखते हुए कहा कि भाजपा के कई सांसदों और विधायकों पर यौन उत्पीड़न के आरोप हैं। उन्होंने गोवा में भाजपा पार्षद के बेटे द्वारा किए गए शोषण, बृजभूषण शरण सिंह के प्रकरण और अंकिता भंडारी केस में भाजपा नेता दुष्यंत गौतम का नाम सामने आने के बावजूद सीबीआई जांच को दबाने जैसे गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पूर्व में आम आदमी पार्टी के नेता कपिल मिश्रा द्वारा विधानसभा में दिखाई गई प्रधानमंत्री से जुड़ी कथित सीडी और गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए सामने आए विवादों का भी जिक्र किया, जिनकी जांच आज तक नहीं हुई।
प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर प्रहार करते हुए उन्होंने हालिया घटनाओं का ब्यौरा दिया, जिसमें जून 2024 में बहादराबाद में नाबालिग से सामूहिक बलात्कार, अल्मोड़ा व द्वाराहाट में दलित युवतियों के साथ दरिंदगी, रुद्रपुर में महिला नर्स की हत्या और देहरादून आईएसबीटी में किशोरी के साथ हुई गैंगरेप की घटना शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि 2025 में हरिद्वार में 4 साल की मासूम की हत्या और पीआरडी जवान की पुलिस स्टेशन में मौत जैसी घटनाओं ने जनता का विश्वास कानून से उठा दिया है।
अंत में उन्होंने देहरादून की स्थिति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि राजधानी अब माफियाओं और अपराधियों की शरणस्थली बन चुकी है। पिछले एक महीने में शहर में दिन-दहाड़े 10 से अधिक हत्याएं और गंभीर अपराध हुए हैं। नशे का कारोबार युवाओं को निगल रहा है और नारी निकेतन जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली संस्थाओं में भी महिलाएं आत्महत्या कर रही हैं।
इस दौरान महानगर अध्यक्ष उर्मिला थापा, जिलाध्यक्ष पूनम कण्डारी, महासचिव सुशीला शर्मा और सावित्री थापा समेत कई महिला कांग्रेस पदाधिकारी उपस्थित रहीं।

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