गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने का वादा दोहराने धरना स्थल पहुंचे सूर्यकांत धस्माना 

कांग्रेस सत्ता में आई तो गैरसैंण को पूर्णकालिक राजधानी बनाएगी, पार्टी का रुख साफ: धस्माना

देहरादून: उत्तराखंड की स्थायी राजधानी गैरसैंण बनाए जाने की मांग को लेकर अवकाश प्राप्त आईआईएस अधिकारी विनोद रतूड़ी के नेतृत्व में चल रहे अनिश्चितकालीन अनशन और धरने के बीच सोमवार को प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना एकता विहार स्थित धरना स्थल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने धरना दे रहे विनोद प्रसाद रतूड़ी को भरोसा दिलाया कि यदि आगामी विधानसभा चुनाव में जनता कांग्रेस को सरकार बनाने का मौका देती है, तो कांग्रेस सरकार गैरसैंण को पूर्णकालिक राजधानी घोषित करेगी। उन्होंने कहा कि यह आश्वासन वे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूरे प्रदेश नेतृत्व की ओर से दे रहे हैं।

धस्माना ने कहा कि राज्य गठन के बाद बनी भाजपा की अंतरिम सरकार की सबसे बड़ी गलती यह रही कि उसने गैरसैंण को राजधानी घोषित नहीं किया। उनके अनुसार, इस विषय को स्पष्ट करने के बजाय एक आयोग बनाकर इसे और विवादित बना दिया गया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद गैरसैंण के मुद्दे पर गंभीरता से काम शुरू किया गया। कांग्रेस सरकार ने टेंट में कैबिनेट बैठक और विधानसभा सत्र आयोजित कर अपनी मंशा स्पष्ट की थी। इसके बाद वहां विधान भवन, सचिवालय सहित अनेक आधारभूत ढांचों के निर्माण की दिशा में काम हुआ और गैरसैंण को राजधानी बनाने की दिशा में ठोस प्रगति की गई।

उन्होंने आगे कहा कि दुर्भाग्यवश 2017 में भाजपा सत्ता में आ गई, और तब से लेकर अब तक करीब नौ वर्षों में गैरसैंण के मामले में वहां से आगे कोई उल्लेखनीय प्रगति नहीं हुई, जहां तक कांग्रेस सरकार काम छोड़कर गई थी। धस्माना ने कहा कि कांग्रेस का रुख इस मामले में पूरी तरह स्पष्ट है—पार्टी मानती है कि गैरसैंण को ही पूर्णकालिक राजधानी बनाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस दिशा में पहल कांग्रेस ने की थी और इसे अंतिम रूप भी कांग्रेस ही देगी।

सूर्यकांत धस्माना ने गैरसैंण को राज्य के तीनों संभागों के लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ने वाला केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि इस विचार को व्यापक स्वीकृति मिली है। साथ ही उन्होंने याद दिलाया कि उत्तर प्रदेश के दौर में राज्य निर्माण के संदर्भ में गठित विनोद बड़थ्वाल समिति और रमा शंकर कौशिक समिति—दोनों ने गैरसैंण को राजधानी के लिए सबसे उपयुक्त स्थान माना था।

इस मौके पर राजधानी गैरसैंण संघर्ष समिति के प्रणेता और अवकाश प्राप्त आईआईएस विनोद रतूड़ी ने धरना स्थल पर पहुंचकर समर्थन देने के लिए धस्माना का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस धरना-अनशन को उन्होंने पूरी तरह गैर-दलीय स्वरूप में रखा है, ताकि कोई भी व्यक्ति या राजनीतिक दल यहां आकर अपनी बात रख सके। रतूड़ी ने खेद जताते हुए कहा कि आंदोलन को 22 दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी और राज्य के एकमात्र क्षेत्रीय दल का कोई प्रतिनिधि इस मुद्दे पर चल रहे धरना स्थल तक नहीं पहुंचा।

विनोद रतूड़ी ने यह भी कहा कि यह सच है कि गैरसैंण में राजधानी के नाम पर आज जो भी बुनियादी ढांचा मौजूद है, वह कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही विकसित हुआ। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस अपने चुनावी घोषणा पत्र में गैरसैंण को राजधानी बनाने का स्पष्ट संकल्प शामिल करती है, तो जनता निश्चित रूप से उसका समर्थन करेगी।

धरना स्थल पर इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस श्रम विभाग अध्यक्ष दिनेश कौशल, शैलेन्द्र शेखर कारगेती, दिलबर सिंह भंडारी, सतीश धस्माना, अनुज शर्मा और आनंद सिंह पुंडीर सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे और उन्होंने भी अपने विचार रखे।

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