देहरादून। जनपद में एक सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर की संदिग्ध मौत के मामले में उत्पन्न हुई कानून व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने संजीदगी दिखाते हुए मंगलवार को सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। इस दौरान उन्होंने गृह और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राजधानी की नागरिक सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।
बैठक में मुख्य सचिव ने शहर में बढ़ती सड़क हिंसा (रोड रेज) और उपद्रव की घटनाओं पर असहमति जताते हुए इन पर अंकुश लगाने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शरारती तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए और पुलिस निगरानी को और प्रभावी बनाया जाए।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्य सचिव ने देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाने का आदेश दिया। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को सभी थाना प्रभारियों को व्यस्ततम समय (पीक आवर्स) में गश्त तेज करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसके साथ ही दिन, रात और सुबह की पेट्रोलिंग को तीनों पालियों में विस्तार देने पर जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने बार और रेस्तरां के संचालन समय को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि निर्धारित बंद करने का समय किसी भी सूरत में नजरअंदाज न किया जाए। उन्होंने सप्ताहांत में देहरादून को उपद्रवियों और अवैध पार्टियों का केंद्र बनने से रोकने के लिए कहा। इसके तहत न सिर्फ उपद्रवियों पर कार्रवाई होगी, बल्कि बार संचालकों को भी जिम्मेदारी निभाने को कहा गया है, ताकि समय पर प्रतिष्ठान बंद कराने का नियम सख्ती से लागू हो सके।
इसके अलावा, जो बार संचालक नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं या अवैध रूप से बार चला रहे हैं, उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि अपनी जिम्मेदारी में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को भी बख्शा नहीं जाएगा।
शहर के परिधीय क्षेत्रों में संचालित होम स्टे पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि इनकी मैपिंग की जाए और निगरानी रखी जाए। उन्होंने आशंका जताई कि पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खोले गए ये होम स्टे शराब लाइसेंस लेकर कहीं कानूनी दायरे का उल्लंघन तो नहीं कर रहे हैं।
दिल्ली-देहरादून हाईवे खुलने के बाद सप्ताहांत में बढ़ने वाली चुनौतियों को देखते हुए मुख्य सचिव ने अभी से तैयारियां शुरू करने की बात कही। उन्होंने उपद्रवियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए किरायेदारों और पीजी (पेइंग गेस्ट) में रहने वालों के गहन सत्यापन अभियान चलाने के भी निर्देश दिए।
इस महत्वपूर्ण बैठक में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दीपम सेठ, गृह सचिव शैलेश बगौली, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय, गढ़वाल रेंज के आईजी राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी सविन बंसल और एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोभाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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