हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा; मुख्यमंत्री ने सुरक्षित, सुगम और भव्य चारधाम यात्रा का भरोसा दिया
केदारनाथ/देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड में बुधवार को श्रद्धा, आस्था और दिव्यता का अनुपम दृश्य देखने को मिला, जब ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट पूरे विधि-विधान, वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक परंपराओं के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। प्रातः शुभ मुहूर्त में जैसे ही बाबा केदार के कपाट खुले, पूरा धाम “हर-हर महादेव” और “जय श्री केदार” के उद्घोष से गूंज उठा। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी केदारनाथ धाम पहुंचे और कपाट खुलने के दिव्य क्षणों के साक्षी बने।
कपाटोद्घाटन के अवसर पर बाबा केदारनाथ की पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न कराई गई। मुख्यमंत्री धामी ने मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना कर प्रदेश, देश और समस्त श्रद्धालुओं के सुख, समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की। सिख रेजीमेंट के बैंड की भक्तिमय धुनों और मंदिर परिसर में गूंजते जयघोषों के बीच पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर दिखाई दिया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि केदारनाथ धाम और चारधाम यात्रा केवल धार्मिक आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सनातन विरासत के जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा हर वर्ष नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है और इस बार भी बाबा केदार के आशीर्वाद से यात्रा ऐतिहासिक और दिव्य होगी। मुख्यमंत्री ने सभी देशवासियों और श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार तीर्थयात्रियों को सुरक्षित, सुगम, सुव्यवस्थित और दिव्य यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को यात्रा मार्गों, स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल, स्वच्छता, पार्किंग, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्थाओं को उच्चतम स्तर पर बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सभी आवश्यक इंतजाम समय रहते सुनिश्चित किए जाएं, ताकि किसी भी यात्री को असुविधा का सामना न करना पड़े। साथ ही उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के प्रति सेवा, सहयोग और आतिथ्य की परंपरा को और मजबूत करें।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को बाबा केदारनाथ का अनन्य भक्त बताते हुए कहा कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद उनके मार्गदर्शन में केदारपुरी का भव्य और दिव्य पुनर्निर्माण हुआ, जिसने केदारनाथ धाम को नई पहचान दी है। उन्होंने कहा कि आज केदारनाथ विश्वभर के श्रद्धालुओं के लिए और अधिक आकर्षण और आस्था का केंद्र बन चुका है।
कपाट खुलने की धार्मिक प्रक्रिया प्रातः लगभग 5 बजे प्रारंभ हुई। भगवान केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ से गुप्तकाशी, फाटा और गौरीकुंड होते हुए एक दिन पूर्व ही धाम पहुंच चुकी थी। इसके बाद रावल भीमाशंकर लिंग, पुजारी टी. गंगाधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विधायक आशा नौटियाल, तीर्थ पुरोहित उमेश चंद्र पोस्ती सहित धर्माचार्यों और वेदपाठियों ने गर्भगृह में प्रवेश कर विधिवत पूजा-अर्चना की। देव आवाहन और लोककल्याण के संकल्प के साथ प्रातः 8 बजे कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।

कपाटोद्घाटन के अवसर पर केदारनाथ मंदिर को 51 क्विंटल से अधिक फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था। कपाट खुलते ही हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई, जिसने इस अलौकिक क्षण को और भी दिव्य बना दिया। देश-विदेश से पहुंचे हजारों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने और भाव-विभोर नजर आए। मंदिर परिसर में उमड़ी आस्था और उल्लास ने केदारपुरी को भक्तिमय उत्सव में बदल दिया।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक्स पर अपना संदेश साझा करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरती पर श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलना अत्यंत शुभ और आध्यात्मिक क्षण है। उन्होंने चारधाम यात्रा को भारत की आस्था, एकता और समृद्ध परंपराओं का दिव्य उत्सव बताया और उत्तराखंड आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक पत्र के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। प्रधानमंत्री ने कामना की कि बाबा केदार सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें और सभी की यात्रा मंगलमय हो।
प्रधानमंत्री के इस संदेश पर मुख्यमंत्री धामी ने भी एक्स पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चारधाम यात्रा केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रीय एकता को सशक्त करने वाला महापर्व है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और प्रेरणा से उत्तराखंड सरकार सभी श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, सुव्यवस्थित और दिव्य यात्रा सुनिश्चित करने के लिए संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि चारधाम यात्रा-2026 को दिव्य और भव्य बनाने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी।

कपाट खुलने के अवसर पर मुख्यमंत्री की पत्नी गीता धामी, बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, विधायक आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रप्रयाग पूनम कठैत, ब्लॉक प्रमुख ऊखीमठ पंकज शुक्ला, जिला पंचायत सदस्य अमित मैखंडी, पूर्व जिलाध्यक्ष महावीर पंवार, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग/मुख्य कार्याधिकारी बीकेटीसी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर, तीर्थ पुरोहितगण, हक-हकूकधारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का आध्यात्मिक उल्लास चरम पर पहुंच गया है। बाबा केदार के जयघोष, पुष्पवर्षा, वैदिक परंपराओं, प्रधानमंत्री के संदेश और मुख्यमंत्री की सक्रिय मौजूदगी ने इस अवसर को केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और राष्ट्रीय भावनाओं से भी ओतप्रोत कर दिया।

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