देहरादून में कब्रिस्तान विवाद: मुस्लिम शवों को दफनाने से रोकने के मामले में भड़का आक्रोश, कैबिनेट मंत्री खजान दास से मिला शिष्टमंडल

सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश के आरोप, वक्फ भूमि पर कब्जे की आशंका; मंत्री ने जिलाधिकारी से मांगी विस्तृत रिपोर्ट

देहरादून । राजधानी देहरादून में पिछले कुछ दिनों से कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा मुस्लिम समुदाय के शवों को कब्रिस्तान में दफनाने से रोके जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। शहरी क्षेत्र में रहने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों में भारी आक्रोश है। आरोप लग रहे हैं कि कुछ तत्व एक मुस्लिम वर्ग को दूसरे मुस्लिम वर्ग से लड़वाकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का काम कर रहे हैं।

इस विवाद के पीछे यह संभावना जताई जा रही है कि जो लोग वक्फ की भूमि पर पहले से कब्जा किए हुए हैं, वे वक्फ अधिनियम की आड़ में जमीनों पर अतिक्रमण को बढ़ावा दे सकते हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि किसी भी धर्म में आस्था रखने वाले व्यक्ति को यह स्वीकार नहीं होगा कि मृत्यु के बाद दाह संस्कार या दफन-कफन के लिए उसके शोकाकुल परिवार को दर-दर भटकना पड़े। यह कार्य इंसानियत की सभी हदों को तार-तार कर रहा है।

इस गंभीर मामले को लेकर राजधानी के विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों ने उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री खजान दास जी से भेंट की। शिष्टमंडल ने उन्हें पूरे प्रकरण से विस्तार से अवगत कराया और एक ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि इस भेदभावपूर्ण रवैये को अपनाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सभी धर्मों में मृतक की आत्मा की शांति के लिए उसके धर्मानुसार अंत्येष्टि की जाती है और शव को निवास स्थान के निकट स्थित कब्रिस्तान में दफनाया जाता है। कुछ सिरफिरे लोग इस पवित्र व्यवस्था को तार-तार करना चाहते हैं, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मंत्री खजान दास ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए शिष्टमंडल को आश्वस्त किया कि वे शीघ्र ही उच्च स्तरीय बैठक बुलाकर इसका समाधान करेंगे। साथ ही, उन्होंने जिलाधिकारी देहरादून को इस संदर्भ में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

मंत्री से भेंट करने वाले प्रतिनिधिमंडल में हाजी याकूब सिद्दीकी (पूर्व राज्य मंत्री, उत्तराखंड सरकार), कुमारी रजिया बेग (सदस्य, उत्तराखंड बार काउंसिल), लताफत हुसैन (कार्यकारिणी सदस्य, उत्तराखंड क्रांति दल), इनाम अली (सेवानिवृत्ति डिप्टी डायरेक्टर), इमरान अहमद (सेवानिवृत्ति अधीक्षण अभियंता), हर्षपति (बामसेफ), इब्राहिम खान, सादिक, सैयद मिराज मेहंदी, डॉ. रशीद सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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