डेढ़ करोड़ के हाथी दांत के साथ दो वन्यजीव तस्कर गिरफ्तार

STF और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई, सितारगंज क्षेत्र में देर रात दबिश

देहरादून/सितारगंज । उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने वन विभाग के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी गिरोह पर बड़ी चोट की है। STF की कुमाऊं यूनिट ने उधमसिंह नगर जिले के सितारगंज क्षेत्र से दो शातिर वन्यजीव तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लगभग डेढ़ करोड़ रुपये कीमत का हाथी दांत बरामद किया है। बरामद हाथी दांत का वजन करीब 7 किलो 820 ग्राम बताया गया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक STF अजय सिंह ने बताया कि राज्य में वन्यजीवों के अंगों की अवैध तस्करी पर रोक लगाने के लिए पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देश पर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में STF को गुप्त सूचना मिली थी कि सितारगंज क्षेत्र में हाथी दांत और अन्य वन्यजीव अंगों की तस्करी की जा रही है। सूचना को स्थानीय सूत्रों के माध्यम से विकसित कर STF टीम ने वन विभाग के साथ संयुक्त रणनीति बनाई।

मंगलवार देर रात बराकोली वन रेंज, कल्याणपुर क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाया गया। इसी दौरान दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोककर तलाशी ली गई, जिनके पास से एक विशाल हाथी दांत बरामद हुआ। हाथी दांत की लंबाई लगभग 3 फीट 3 इंच, गोलाई 13 इंच तथा वजन 7 किलो 820 ग्राम पाया गया।

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान मरतुन्जय हलदार पुत्र सुकुमार हलदार निवासी गुरुग्राम, शक्तिफार्म थाना सितारगंज तथा माणिक मंडल पुत्र स्वर्गीय निर्मल मंडल निवासी गुरुग्राम, शक्तिफार्म थाना सितारगंज के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों की उम्र क्रमशः 32 और 35 वर्ष बताई गई है।

STF के अनुसार हाथी दांत और हाथी के अन्य अंग वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की प्रथम अनुसूची में शामिल हैं तथा इनकी तस्करी और शिकार गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। आरोपियों के खिलाफ बराकोली रेंज में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

एसएसपी STF अजय सिंह ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं और इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। यदि इस तस्करी गिरोह में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

STF ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कहीं वन्यजीव तस्करी से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी मिले तो तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन अथवा STF उत्तराखंड से संपर्क करें, ताकि वन्यजीव अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

कार्रवाई के दौरान STF टीम में निरीक्षक विकास चौधरी, उपनिरीक्षक विपिन चंद्र जोशी, उपनिरीक्षक कृष्ण गोपाल मठपाल सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। वहीं वन विभाग की ओर से वन क्षेत्राधिकारी कैलाश चंद्र गुणवंत एवं उनकी टीम ने संयुक्त अभियान में सहयोग किया।

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