देहरादून। देश की जनता से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर उत्तराखंड सरकार को तत्काल अमल में लाने की मांग जोर पकड़ रही है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं एआईसीसी सदस्य सूर्यकांत धस्माना ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि वह इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए प्रदेश के सभी बड़े अधिकारियों, मंत्रियों और संवैधानिक पदाधिकारियों के काफिले को तत्काल समाप्त करे।
श्री धस्माना ने एक बयान में कहा कि मुख्यमंत्री को चाहिए कि वह तत्काल आदेश जारी करते हुए प्रदेश के राज्यपाल महोदय, स्वयं अपने, राज्य के सभी मंत्रियों के गाड़ी के काफिले को खत्म करें। इसके स्थान पर केवल एक गाड़ी और एक सुरक्षा एस्कॉर्ट का प्रावधान किया जाए। साथ ही, राज्य के सभी अधिकारियों को भी केवल एक गाड़ी अनुमन्य की जाए।
उन्होंने कहा, “इससे जहां देश के प्रधानमंत्री का सामना बढ़ेगा, वहीं उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन जाएगा जहां ऐसा आदर्श कार्य किया जाएगा।” उनका कहना है कि इस फैसले से न सिर्फ पेट्रोल और डीजल की बचत होगी, बल्कि राज्य की जनता को आए दिन लगने वाले जाम और हूटरों के तेज शोर से भी काफी राहत मिलेगी।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में ईंधन संरक्षण को लेकर लगातार अपील कर रहे हैं और ‘वर्क फ्रॉम होम’ को बढ़ावा देने पर जोर दे रहे हैं। धस्माना ने कहा कि प्रदेश सरकार को अब शब्दों में नहीं बल्कि कार्यों में इस अपील का असर दिखाना चाहिए।
सूर्यकांत धस्माना का स्पष्ट संदेश:
“मुख्यमंत्री तुरंत आदेश जारी करें। यदि शासन-प्रशासन के लोग स्वयं ही काफिलों के साथ चलेंगे तो पीएम की अपील का क्या असर होगा? जनता को हूटर और जाम से मुक्ति मिले, यही सच्ची पालना होगी।”
यह मांग उत्तराखंड की राजनीति में एक नई बहस छेड़ सकती है। राज्यपाल, सीएम और कैबिनेट मंत्रियों के विशाल काफिले अक्सर शहरों में ट्रैफिक जाम का कारण बनते हैं। ऐसे में यदि सरकार ने इस प्रस्ताव पर अमल किया, तो यह देश के लिए एक मिसाल पेश करेगा।

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