10 प्रतिशत आरक्षण, पेंशन और चिन्हीकरण के सवालों पर जल्द बुलाया जाएगा बड़ा सम्मेलन
देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने आज पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से उनके आवास पर मुलाकात कर राज्य आंदोलनकारियों से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों पर करीब एक घंटे तक विस्तृत चर्चा की।
धीरेंद्र प्रताप ने बताया कि राज्य आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत आरक्षण, पेंशन तथा आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण जैसे महत्वपूर्ण सवालों पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा किए गए प्रयासों को वर्तमान सरकार द्वारा आगे न बढ़ाए जाने पर हरीश रावत ने चिंता और नाराजगी व्यक्त की।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के लंबे संघर्ष और बलिदान की देन है, इसलिए उनकी तमाम मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में उनकी सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों के लिए नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण का निर्णय लिया था, लेकिन लगभग दस वर्ष बीत जाने के बाद भी भाजपा सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
हरीश रावत ने कहा कि वे लगातार आंदोलनकारियों की आवाज उठाते रहे हैं और आगे भी इस मुद्दे को मजबूती से उठाते रहेंगे। उन्होंने धीरेंद्र प्रताप के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें संघर्ष जारी रखने के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
इस दौरान धीरेंद्र प्रताप ने जानकारी दी कि शीघ्र ही राज्य के विभिन्न राजनीतिक दलों और आंदोलनकारी संगठनों का एक बड़ा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें हरीश रावत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
धीरेंद्र प्रताप ने यह भी बताया कि चार दिन पहले उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल की राज्यपाल से मुलाकात कराने के लिए समय मांगा था, लेकिन अभी तक इस संबंध में अनुमति नहीं मिल सकी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एक-दो दिनों के भीतर राज्यपाल आंदोलनकारियों को मिलने का समय देंगे और उनकी समस्याओं को सुनेंगे।
इस अवसर पर पूर्व राज्य मंत्री मनीष नागपाल तथा उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पिछड़ा वर्ग विभाग के उपाध्यक्ष सुनील यादव भी उपस्थित रहे।

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